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खुलासाः 14 करोड़ फर्जी उपभोक्ता डकार रहे थे हर माह 17 हजार करोड़ का सरकारी राशन

Sun, 05 Aug 2018 01:52 PM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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देश के विभिन्न राज्यों में 14 करोड़ फर्जी उपभोक्ता हर माह करीब 17 हजार करोड़ का सरकारी राशन डकार रहे थे। मगर केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों की मदद से राशन डिपो पर चलने वाले इस बड़े फर्जीवाड़े को पकड़ा है। राशन डिपो पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दौरान लंबे अरसे से यह फर्जीवाड़ा चल रहा था। मौजूदा  केंद्र सरकार ने  विगत वर्ष सभी राज्यों को निर्देश दिए थे कि वे अपने-अपने एरिया में पीडीएस के अंतर्गत डिपो से सरकारी राशन लेने वाले सभी उपभोक्ताओं के राशन कार्ड को उनके आधार नंबर से लिंक कर दें।
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केंद्र के निर्देशों के बाद सभी राज्यों ने यह अभियान शुरू किया। देशभर में अभी तक  पीडीएस के अंतर्गत 83 प्रतिशत सरकारी राशन उपभोक्ताओं के राशन कार्ड को उनके आधार से लिंक  किया जा चुका है। इसी प्रक्रिया के दौरान यह फर्जीवाड़ा सामने आया। यह पाया गया कि विभिन्न राज्यों में 14 करोड़ उपभोक्ता ऐसे हैं, जो 2.62 करोड़ फर्जी राशन कार्ड से अटैच थे। ये उपभोक्ता किसी और के हिस्से का राशन डिपो संचालकों की मिलीभगत के चलते डकार रहे थे। जब ये पकड़ में आया तो सरकार की 17 हजार करोड़ की राशन लीकेज बची।
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हरियाणा ने भी पकड़ा फर्जीवाड़ा

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : google
काबिलेगौर है कि देश में करीब 5.27 लाख सरकारी राशन डिपो और 23 करोड़ कार्डधारक हैं। इन डिपो पर सरकार विभिन्न तरह का राशन सस्ती दाम पर करीबन 81 करोड़ लाभार्थियों को उपलब्ध करवाती है। इसके लिए सरकार करीब 145333 करोड़ की खाद्य सब्सिडी देती है। इसी सब्सिडी में से 17 हजार करोड़ की लीकेज फर्जी राशन कार्डों और उपभोक्ताओं के जरिए हो रही थी।

केंद्र के निर्देश के बाद हरियाणा सरकार भी पूरे एक्शन में दिखी। सरकार ने जब सरकारी राशन उपभोक्ताओं के राशन कार्ड आधार से लिंक करने शुरू किए तो 3.20 लाख राशन कार्ड फर्जी पकड़े गए। इन राशन कार्डों से 27 लाख उपभोक्ता अटैच थे। जो  हर माह करोड़ों का सरकारी राशन डकार रहे थे।

राशन डिपो पर होने वाले इस बड़े फर्जीवाड़े को पकड़ा गया है। किसी ओर का राशन फर्जी उपभोक्ताओं को नहीं बंटने दिया जाएगा। मोदी सरकार इसे लेकर पूरी तरह गंभीर है। राशन कार्ड के आधार लिंक के दौरान यह मामला सामने आया है। अभियान अभी जारी है। -रामविलास पासवान, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सावर्जनिक वितरण मंत्री
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