देश के विभिन्न राज्यों में 14 करोड़ फर्जी उपभोक्ता हर माह करीब 17 हजार करोड़ का सरकारी राशन डकार रहे थे। मगर केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों की मदद से राशन डिपो पर चलने वाले इस बड़े फर्जीवाड़े को पकड़ा है। राशन डिपो पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दौरान लंबे अरसे से यह फर्जीवाड़ा चल रहा था। मौजूदा केंद्र सरकार ने विगत वर्ष सभी राज्यों को निर्देश दिए थे कि वे अपने-अपने एरिया में पीडीएस के अंतर्गत डिपो से सरकारी राशन लेने वाले सभी उपभोक्ताओं के राशन कार्ड को उनके आधार नंबर से लिंक कर दें।
केंद्र के निर्देशों के बाद सभी राज्यों ने यह अभियान शुरू किया। देशभर में अभी तक पीडीएस के अंतर्गत 83 प्रतिशत सरकारी राशन उपभोक्ताओं के राशन कार्ड को उनके आधार से लिंक किया जा चुका है। इसी प्रक्रिया के दौरान यह फर्जीवाड़ा सामने आया। यह पाया गया कि विभिन्न राज्यों में 14 करोड़ उपभोक्ता ऐसे हैं, जो 2.62 करोड़ फर्जी राशन कार्ड से अटैच थे। ये उपभोक्ता किसी और के हिस्से का राशन डिपो संचालकों की मिलीभगत के चलते डकार रहे थे। जब ये पकड़ में आया तो सरकार की 17 हजार करोड़ की राशन लीकेज बची।