अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने बाल भिक्षावृत्ति को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे जीवनजोत प्रोजेक्ट 2.0 के दौरान 6 दिन में 137 बच्चों को रेस्क्यू किया है। मंगलवार को भी प्रदेश के 16 जिलों में 19 स्थानों पर चेकिंग की गई और इस दौरान 20 और बच्चों को भीख मांगने से बचाया गया।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मंगलवार को रेस्क्यू किए गए 20 बच्चों में से 13 को दस्तावेजों की जांच के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया जबकि 7 बच्चों को पटियाला के बाल गृह में भेजा गया है। आज किसी भी बच्चे के मामले में एफआईआर या डीएनए जांच की आवश्यकता नहीं पड़ी परंतु पटियाला बाल कल्याण समिति द्वारा जांच की जारी है। अगर आवश्यकता पड़ी तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने माता-पिता को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई अभिभावक दोबारा अपने बच्चों को भीख मांगने के लिए भेजता पाया गया, तो उसे अयोग्य संरक्षक घोषित कर उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी बच्चे को भीख न दी जाए, बल्कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर फोन करके तुरंत सूचना दी जाए, ताकि बच्चे की सुरक्षा और भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।