भाजपा छोड़कर अकाली दल में शामिल होने वाले सभी नेता हिंदू चेहरा हैं। सियासी जानकार इसे भाजपा के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं। शिअद आने वाले चुनाव में अनिल जोशी सहित अन्य सभी नेताओं का हिंदू चेहरे के रूप में इस्तेमाल करेगी। पंजाब में दूसरे नंबर पर हिंदू मतदाता हैं। अकाली दल हिंदू वर्ग में अपनी पकड़ का मजबूत करना चाहता है।
कभी शिअद के विरोध में थे जोशी
जोशी भाजपा के एकमात्र ऐसे नेता थे, जिन्होंने विधानसभा में मंत्री रहते हुए अकाली दल के विरसा सिंह वल्टोहा का खुलकर विरोध किया था। वल्टोहा ने कहा था कि मैं आतंकवादी था, आतंकवादी हूं। जोशी ने वल्टोहा के इस बयान का गठबंधन की सरकार में रहते हुए सदन में कड़ा विरोध किया था। जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हस्तक्षेप के बाद वल्टोहा को अपनी सीट पर बैठना पड़ा था।
सिद्धू पर हमलावर दिखे मजीठिया
समारोह का संचालन करते हुए पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू पर हमलावर दिखे। उन्होंने मंच का संचालन करते हुए कहा कि अब हम सब एक होकर खड़का करेंगे, जिससे ठोको ताली बोलने वाले भी हिल जाएंगे।