पंजाब के गवर्नर और यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का फेसबुक पर पेज बनाकर उससे पैसे व पॉपुलरिटी हासिल करने के मामले में यूटी पुलिस ने केस दर्ज किया है। साइबर सेल ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को आइडेंटिफाई कर लिया है। आरोपी की पहचान अमृतसर निवासी 22 वर्षीय केशव के तौर पर हुई है। साइबर सेल ने उसे जांच ज्वाइन करने के लिए बुलाया है। संभवत: शनिवार को पुलिस उसकी गिरफ्तारी कर सकती है।
मामले के अनुसार, पिछले दिनों पंजाब राजभवन की ओर से यूटी पुलिस को शिकायत दी गई थी। इसमें यूटी प्रशासक बदनौर के फेसबुक पर फर्जी पेज बनाए जाने की शिकायत दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने मामला साइबर से जुड़ा होने पर इसकी जांच साइबर सेल को सौंपी। साइबर सेल ने जांच के बाद बदनौर का फेसबुक पर पेज बनाने वाले की पहचान की। आरोपी की पहचान अमृतसर निवासी केशव के तौर पर हुई।
हालांकि, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी 12वीं पास है और उसे वीवीआईपी लोगों के नंबर रखने का शौक है। इसी के मद्देनजर उसने इजी मनी और पॉपुलरिटी के चक्कर में बदनौर का फेसबुक पर पेज बनाया था। पेज बनने के 3-4 दिन बाद ही इसकी जानकारी राजभवन अधिकारियों को मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को दी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को जांच ज्वाइन करने के लिए बुलाया है। जांच के बाद पुलिस उसके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर उसकी गिरफ्तारी कर सकती है।
कुछ दिनों पहले इलेक्शन पोल संबंधी बेवसाइट पर चली थी बदनौर की फोटो
यूटी प्रशासक की कुछ दिनों पहले एक निजी वेबसाइट पर फोटो चल रही थी। इसमें बदनौर के अलावा देश के कई राजनेताओं, राज्यपालों समेत वीवीआईपी लोगों की फोटो अपलोड की गई थी। यह साइट इलेक्शन पोल से संबंधित थी। इस संबंध में भी राजभवन की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने उन फोटो को भी उस वेबसाइट से हटवाया था। हालांकि, इसमें कुछ आपराधिक गतिविधि सामने न आने पर इसमें केस दर्ज नहीं किया गया था।