मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं जुलाई में करवाने के आदेश दिए हैं। लॉकडाउन के चलते शहर के 12वीं के स्टूडेंट्स कई विषयों की परीक्षा नहीं दे पाए थे। अब वे जुलाई में परीक्षा दे पाएंगे। शहर में बने रेड जोन के विद्यार्थी और उनके परिजन परीक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं।
शिक्षा विभाग ने घोषणा की थी कि स्टूडेंट्स के स्थानीय स्कूलों में ही परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी। रेड जोन में रहने वाले स्टूडेंट्स परीक्षाओं को लेकर हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से हेल्पलाइन नंबर में कार्यरत एक टीचर ने बताया कि स्टूडेंट्स कॉल कर एग्जाम के अलावा, वो एग्जाम देने कैसे आएंगे, क्या व्यवस्था होगी जैसे सवाल पूछ रहे हैं।
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इसको लेकर शिक्षा निदेशक रुबिन्दरजीत सिंह बराड़ ने कहा कि स्कूलों से परीक्षार्थी की सूचना एकत्रित कर रहे हैं। शहर में कंटेनमेंट जोन लगातार बढ़ रहे हैं। इस कारण अभी कोई फाइनल फैसला नहीं हुआ है। विभाग विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए प्लानिंग कर रहा है।
शहर के दो रेड जोन में 100 से ज्यादा परीक्षार्थी
इस समय शहर में बापूधाम कॉलोनी और धनास स्थित कच्ची कॉलोनी दो रेड जोन हैं। हालांकि बापूधाम कॉलोनी को प्रशासन ने कुछ जोन में बांट दिया है लेकिन उसके बावजूद स्टूडेंट्स की परेशानी का हल होने वाली नहीं है। इन दोनों एरिया में 100 से अधिक परीक्षार्थी हैं। वहीं हर रोज यहां कोरोना के केस भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्थिति और ज्यादा चिंताजनक बनी है। रेड जोन होने के कारण किसी को भी इस एरिया से बाहर जाने की अनुमति नहीं है।