वाटर प्रूफ कागज का कर रहे इस्तेमाल
पिछले साल बारिश के कारण रावण का पुतला खराब हो गया था। इसलिए इस बार यूएसए से विशेष तौर पर मंगवाए गए वाटर प्रूफ कागज से रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। यह कागज न तो पानी और न ही धूप से खराब होता है। इस पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च आने की संभावना है। कारीगर इमरान ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ दरेसी मैदान में 120 फुट के अलावा उपकार नगर में 80 फुट, अग्र नगर में 50 से 55 फुट, धांधरा में चालीस फुट, मुल्लांपुर दाखा में पचास फुट, जालंधर कैंट में 80 फुट ऊंचा रावण का पुतला तैयार कर रहे हैं।
चालीस लोगों की टीम काम में जुटी
करीब चालीस सदस्यों की टीम बीते 15 सितंबर से पानीपत और लुधियाना में रावण के पुतले बना रही है। दरेसी मैदान में तैयार किए जा रहे पुतले को रिमोट कंट्रोल के साथ जलाया जाएगा। पिछले साल के मुकाबले इस बार रावण का पुतला मोटा रखा गया है। इसके अलावा सिर पर महाराजाओं जैसी टोपी और छत्र भी बनाया जा रहा है।