कपूरथला में नाव के सहारे सफर करते लोग।
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12 गांव और हजारों लोग देश दुनिया से कट गए हैं। अब इनकी जिंदगी नाव के सहारे ही चलेगी। ऐसा होने के पीछे की वजह चौंकाने वाली है। दरअसल, पंजाब के कपूरथला में ब्यास दरिया के बीच बने अस्थायी पैंटून पुल को हटा दिया गया है।
ऐसे में सुल्तानपुर लोधी के टापूनुमा क्षेत्र मंड बाऊपुर के करीब 12 गांवों के सैकड़ों लोगों का संपर्क सड़क मार्ग से कट गया है। लोग अपने दो पहिया वाहनों और अन्य सामान के साथ दरिया में नाव पर सफर करते नजर आएंगे।
पुल का आधा भाग दरिया में करीब चार फुट गहरे पानी के भीतर और आधा रेत पर खड़ा है। पुल को हटाने का काम जेसीबी से पूरा हो रहा है। 483 फुट लंबे पुल के सात पैंटून निकालने का काम दोपहर एक बजे पूरा कर लिया गया था। मौके पर मौजूद क्षेत्र निवासियों का कहना है कि जिस स्थान पर पैंटून पुल बांधा जाता है वह काफी ऊंचाई वाला सुरक्षित स्थान है।
उन्होंने बताया कि गत एक दशक से भी ज्यादा समय से इस स्थान परदरिया का तल ऊंचा हो रहा है। पिछले साल पांच फुट के मुकाबले इस बार पानी का स्तर 3 से 4 फुट तक रहने वाला है।
लोग बोले, पुल से कोई खतरा नहीं, न हटाया जाए
कपूरथला में जेसीबी के सहारे पैंटून पुल हटाते विभाग के कर्मचारी।
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लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से पुल को हर साल हटाने और फिर लगाने पर सरकारी खजाना पानी की तरह व्यर्थ में ही बह रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्वाइंट पर पुल स्थापित है, वहां उसे कोई खतरा नहीं है इसलिए भविष्य में इसे नहीं हटाए जाने पर सरकार को ध्यान देना चाहिए जिससे सरकार को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।
साथ ही में पुल हटने से लोगों को आ रही समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाएगा। लोगों ने बताया कि पिछले कई साल से बरसात के दिनों में दरिया अपने साथ रेत बहाकर क्षेत्र में छोड़ जाता है। इससे दरिया का तल निरंतर ऊंचा हो रहा है। पिछले साल के मुकाबले दरिया का तल दो फुट ऊंचा हुआ है,
ऐसे में तय है कि पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बरसात का असर पहले से ज्यादा क्षेत्र में जलभराव के रूप में नजर होगा। इस अवसर पर गुरदेव सिंह शाह, हरजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह गोपी, सुरजीत सिंह पूर्व सरपंच, बुध सिंह और बाज सिंह ने मांग की है कि इस क्षेत्र में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थाई तौर पर डॉक्टर तैनात किए जाएं।