आजादी के बाद अब तक की सारी लोकसभा देख चुके लाडोवाल के पास स्थित गांव रसुलपुर के 110 वर्षीय बुजुर्ग मेहर सिंह इस बार खुद तो वोट करेंगे ही, साथ ही इलाके में रहने वाले हर व्यक्ति को वोट करने के लिए प्रेरित करेंगे। उनसे मिलने आने वाले गांव के रहने वाले हर व्यक्ति को वे वोट जरूर करने की नसीहत देते हैं ताकि देश का भविष्य
अच्छे नेता के हाथ रहे और देश बुलंदियों को छूए। शहीद-ए-आजम भगत सिंह के साथ मिल अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ने वाले मेहर सिंह कहते है कि वह अब तक के सभी लोकसभा, सभी विधानसभा और सभी पंचायत चुनाव में वोट करने जरूर जाते हैं। हर व्यक्ति को वोट देना चाहिए। ताकि देश को एक अच्छी सरकार मिल सके।
1904 में पैदा हुए मेहर सिंह ने देश को अंग्रेजों से आजाद करवाने के लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी। वह भगत सिंह को अपना आदर्श मानते थे और देश को आजाद करवाने के लिए उन्हीं के साथ योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई लड़ने वालों की तरफ से किए गए संघर्ष से ही आज नौजवान पीढ़ी खुलेआम आजादी की हवा में सांस ले रही है।
उन्होंने कहा कि 1922 में उन्होंने गांव और शहरों में जाकर अलग अलग संस्थाएं बनाई। जिन्होंने देश में से अंग्रेजों को भगाने में अहम योगदान दिया। उस समय की नौजवान पीढ़ी सिर्फ और सिर्फ अंग्रेजों को देश से बाहर करने के लिए काम करती थी।
बुजुर्ग मेहर सिंह ने कहा कि देश को आजाद करवाने की लहर में बाबा जीवन सिंह, मास्टर तारा सिंह और करतार सिंह सराभा ने एक रणनीति के तहत सभी देशभक्तों को इकट्ठा कर अंग्रेजों को देश से बाहर निकालने के लिए अपनी जान तक की कुर्बानी दी। आजादी की लड़ाई के दौरान उनका एक अंगूठा भी कट गया था। बुजुर्ग मेहर सिंह ने युवा वोटरों से अपील की कि वे वोट जरूर दें।