पहाड़ों में हो रही बारिश के चलते हथिनीकुंड बैराज पर पानी का जलस्तर साढ़े तेरह हजार क्यूसेक के आंकड़े को पार कर गया है। गुरुवार शाम को पांच बजे 13545 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के चलते डीसी ने बाढ़ नियंत्रण और राहत टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।
वहीं हथिनी कुंड बैराज पर भी सिंचाई विभाग की तरफ से सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिसमें से पश्चिमी यमुना नहर में 11389, मुख्य यमुना में 352 और पूर्वी यमुना नहर में 1804 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। एक सप्ताह पहले यमुना का जलस्तर केवल नौ हजार क्यूसेक के आसपास था। अब इस पानी में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है।
हरियाणा-दिल्ली में पहुंचेगा ज्यादा पानी
पश्चिमी यमुना नहर में क्षमता के बराबर पानी छोड़े जाने से हरियाणा और दिल्ली में पानी की क्षमता बढ़ेगी। जिसके चलते प्रदेश के सिंचाई विभाग ने छोटी बड़ी सभी नहरों में पानी भेजने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में किसानों को काफी फायदा होगा। हालांकि कुछ जगहों पर पानी की अधिकता होने पर किसानों को नुकसान भी हो सकता है।
सिंचाई विभाग की तरफ से हथिनी कुंड बैराज पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई हैं। सभी कर्मचारी अपनी अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। - हरीदेव कांबोज, एक्सईएन, सिंचाई विभाग