चयनित छात्र-छात्राओं के साथ रिफाइनरी व सीएसआरएल के अधिकारी।
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एचएमईएल गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी अपनी सीएसआर पहल के तहत 42 सरकारी स्कूलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए काम कर रहा है। इसी क्रम में जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों की उच्चशिक्षा में आर्थिक तंगी रुकावट न बने, इसके लिए एचएमईएल ने सेंटर फॉर सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड लीडरशिप सीएसआरएल के साथ नवंबर 2022 में भागीदारी की थी। इस योजना के दूसरे चरण में जिले के सरकारी स्कूलों से 11 छात्रों का चयन किया है, जिन्हें आईआईटी व एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिले के लिए जेईई परीक्षा की तैयारी दिल्ली में सीएसआरएल की तरफ से करवाई जाएगी। इनके रहने खाने, पढ़ने व किताबों तक का पूरा खर्च एचएमईएल उठाएगा।
एचएमईएल ने सीएसआरएल के इस प्रोग्राम से जुड़कर इसके पहले चरण में साल 2022 में जिले से दो छात्रों का चयन कर उन्हें दिल्ली में कोचिंग दिलवाई थी, जो जेईई मेंस क्लीयर कर चुके हैं और अब कॉलेज में दाखिले की तैयारी कर रहे हैं।
22 स्कूलों के 600 छात्रों के एग्जाम के बाद 11 का चयन
सीएसआरएल की तरफ से आयोजित परीक्षा में इस बार 22 स्कूलों के 600 छात्रों ने भाग लिया था। इनमें से 11 छात्रों का चयन किया गया है। इनमें पांच बठिंडा मैरिटोरियस स्कूल, एक भुच्चो कलां सरकारी स्मार्ट स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय से तीन, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बंगी कलां और शहीद संदीप सिंह सरकारी स्कूल परसराम नगर के एक-एक छात्र शामिल हैं।
इन्हें अब दिल्ली में सीएसआरएल जेईई मेंस व जेईई एडवांस की तैयारी करवाएगा ताकि वह देशें के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेकर उच्च शिक्षा हासिल कर सकें। इस योजना का सरकारी स्कूल से 12वीं में 75 फीसदी से ज्यादा अंक लेने वाले और सालाना पांच लाख से कम आय वाले ही लाभ हिस्सा ले सकते हैं।
पहले चरण में दो छात्राओं ने पास की जेईई मेंस परीक्षा
सीएसआरएल के इस प्रोग्राम के पहले चरण में जिले की दो छात्राओं अनमोल कौर निवासी गांव फूल व गुरविंदर कौर निवासी गांव बाठ को दिल्ली में सेंटर फॉर सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड लीडरशिप के मार्फत कोचिंग दिलाई गई थी। इसकी बदौलत इन दोनों छात्राओं ने जेईई मेंस की प्रतियोगिता परीक्षा में भाग लिया और इसे क्वालीफाई कर लिया।