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सरकार ने जिस दिन भर्ती पर रोक लगाई, उसी दिन 11 नर्सों की तैनाती

Thu, 30 Oct 2014 11:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
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कैथल। प्रदेश की नई भाजपा सरकार ने 27 अक्तूबर को सरकारी नौकरियों में भर्ती पर रोक लगाई, लेकिन इसी दिन कैथल के इंदिरा गांधी मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल में अनुबंधित आधार पर 11 नर्सों की तैनाती कर दी गई। अस्पताल के सीएमओ ने इन 11 नर्सों की तैनाती करवाई। इन्हें 31 मार्च 2015 तक अनुबंधित आधार पर नौकरी पर रखा गया हैै।
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अब इनकी ज्वाइनिंग पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। स्वयं विभाग में ही ऐसी चर्चा है कि आखिर ऐसी क्या जल्दी थी कि हरियाणा में चुनाव परिणाम के ऐलान के बाद एवं सरकार के गठन के एक दिन बाद नर्सों को ज्वाइन करवा दिया गया।

जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने जुलाई में नर्सों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। उस समय 39 में से कुछ नर्सों को ज्वाइन करवाते हुए वेटिंग लिस्ट बनाई गई थी। इस वेटिंग लिस्ट में से 11 नर्सों को आनन-फानन में 27 अक्तूबर को बुलाकर ज्वाइन करवाया गया। इसी दिन हरियाणा के नए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फैंस करते हुए ऐलान किया था कि 16 मई 2014 के बाद हुई सभी भर्तियों की समीक्षा और नई भर्तियों पर रोक रहेगी।
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ज्वाइनिंग 27 अक्तूबर को करवाई, दिखाई 22 को
विभागीय सूत्रों ने यह भी बताया कि 27 अक्तूबर को ही 11 नर्सों को बुलाया गया, लेकिन ज्वाइनिंग 22 अक्तूबर से दिखाई गई है। मामले में सच्चाई क्या है, यह तो मामले की यदि जांच होती है, तभी सामने आ सकती है। लेकिन सवाल उठाए जा रहे हैं कि चुनाव परिणाम का ऐलान 19 अक्तूबर को हुआ था। इसके बाद 26 अक्तूबर को सीएम ने शपथ ली थी। इसके अगले ही दिन किस की अनुमति से 11 नर्सों को ज्वाइन करवाया गया है। क्या इसमें तीन-चार दिन बाद होने वाले सरकार के गठन का इंतजार नहीं किया जा सकता था?  यदि ज्वाइन ही करवाना था तो चुनाव से पहले ऐसा क्यों नहीं किया गया? विभाग में डीपीएम नरेंद्र कुमार का कहना है कि 22 अक्तूबर को छह नर्सों की ज्वाइनिंग करवाई गई है।

मुझे मामले की जानकारी नहीं : डीसी
इस संबंध में डीसी एन के सोलंकी का कहना है कि विभाग में होने वाली भर्तियों में प्रशासन की ओर से एक प्रतिनिधि भेजा जाता है। 27 अक्तूबर को हुई भर्ती के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। सीएमओ ने यह जरूर बताया है कि वेटिंग लिस्ट में लंबित पदों को नियमानुसार भरा गया है। इसके लिए एमडी की अनुमति ली गई है।

मैंने ज्वाइनिंग की अनुमति नहीं दी : एमडी
एनआरएचएम के एमडी एवं वर्तमान में सरकार में नई जिम्मेवारी संभाल चुके डा. राकेश गुप्ता का कहना है कि किसी भी भर्ती के लिए एक बार अनुमति दी जाती है। कुछ दिन पूर्व ज्वाइनिंग को लेकर मैंने कोई अनुमति नहीं दी है। मैं इस मामले को चेक करवाऊंगा।

जांच में हो सकता है बड़ा खुलासा
यदि इस पूरी भर्ती के मामले की जांच की जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है। क्योंकि भर्ती से वंचित रह गए कई उम्मीदवार इस तरह से ज्वाइनिंग पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि भर्ती करनी ही है तो एक ही बार में परिणाम क्यों नहीं दिया जा रहा। बार-बार वेटिंग लिस्ट के चक्कर में क्यों उलझाया जा रहा है।
कोट
जुलाई में जो भर्ती की गई थी, उसमें नियमानुसार 50 प्रतिशत पदों को वेटिंग में रखा गया था। अनुबंध के आधार पर 31 मार्च 2015 तक भर्ती की गई है। इसीलिए इस पर नियमित भर्ती वाले नियम लागू नहीं होते। ज्वाइनिंग पूरे नियमों का पालन करते हुए करवाई गई है। 10 या 11 स्टॉफ नर्सों की भर्ती हुई है। इसके अलावा 14 नर्सों की भर्ती के लिए भी विज्ञापन जारी कर दिया गया है। शीघ्र ही इन पदों पर भी भर्ती की जाएगी।
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डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सीएमओ।
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