केंद्र सरकार ने 1984 में हुए दंगा पीड़ितों को पांच लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का एलान किया है। सरकार के इस फैसले का दंगा पीड़ितों ने स्वागत किया है। हालांकि कुछ का मानना है कि यह राशि केवल चुनिंदा लोगों को ही नहीं, बल्कि सभी पीड़ितों को दी जानी चाहिए। क्योंकि दंगे में सभी का नुकसान हुआ है।
फेज-11 निवासी कश्मीर कौर ने बताया कि उनके इलाके में डेढ़ सौ के करीब दंगा पीड़ितों के घर हैं। इसमें कई के न तो रेड कार्ड बनाए गए और न ही उन्हें मकान दिए गए।
उनका मानना है कि सरकार को सबको मुआवजा राशि देनी चाहिए थी। क्योंकि दंगों में हर किसी ने अपनों को खोया है। उनकी भरपाई तो जीवन भर नहीं हो पाएगी।
दंगा पीड़ित व स्त्री अकाली दल की सर्कल प्रधान बाला ठाकुर ने सरकार के फैसले की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को दंगा पीड़ितों की याद आना बड़ी बात है। दंगे से हर किसी को नुकसान हुआ।
वहीं दंगा पीड़ित और स्त्री अकाली नेता पिंकी सोनी ने भी मोदी सरकार के फैसले की सराहना की है। उन्होंने कहा सरकार को सभी पीड़ितों को मुआवजा देना चाहिए।