सीटीयू में 2023 में हुई कंडक्टर भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद 11 कंडक्टर अब नौकरी से हाथ धो सकते हैं। विभाग ने तीसरी बार 7 दिन का मौका देने के बावजूद भी वे बायोमेट्रिक और फेस स्कैनिंग के लिए हाजिर नहीं हुए। लगातार प्रक्रिया से बचते आ रहे इन कंडक्टरों पर अब सीटीयू विभागीय कार्रवाई शुरू करने जा रहा है और पुलिस को सूचना देने पर भी विचार किया जा रहा है।
सीटीयू ने 19 अगस्त को तीसरा और अंतिम नोटिस जारी कर इन कंडक्टरों को 7 दिन का समय दिया था कि हाजिर होकर बायोमेट्रिक कराएं लेकिन अब तक इनमें से कोई नहीं पहुंचा। ये सभी कर्मचारी अभी प्रोबेशन पीरियड पर हैं। ऐसे में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन पर कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। सूत्रों के अनुसार इन्हें नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके बाद पुलिस को भी इनकी जानकारी दी जा सकती है। भर्ती दो साल पहले की ही है, इसलिए विभाग का मानना है कि व्यक्ति के चेहरे में ज्यादा अंतर नहीं आया होगा। इसलिए परीक्षा के दौरान खींची गई फोटो और वर्तमान में काम कर रहे कर्मी चेहरे को मैच करके फर्जीवाड़े का पता लगाया जा रहा है। यह 11 कंडक्टर पिछले करीब सवा एक महीने से बच रहे हैं। ऐसे में शक की सुई इन पर घूम रही है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें शक है कि ये फर्जी तरीके से भर्ती हुए हैं, इसलिए ही बायोमेट्रिक और फेस वेरिफिकेशन से बच रहे हैं।
21, 22 और 23 जुलाई को हुई थी वेरिफिकेशन, तब से बच रहे ये कंडक्टर
सीटीयू में 2023 में कंडक्टरों की भर्ती हुई थी। कुछ महीने पहले खुलासा हुआ कि इसमें फर्जी तरीके से कुछ कर्मचारी भर्ती हुए हैं। एक कंडक्टर पर एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। विभाग के पास शिकायत पहुंची तो सीटीयू ने 2023 भर्ती में शामिल हुए सभी कंडक्टरों को 21, 22 और 23 जुलाई को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित सीटीयू के डिपो में आकर अपना फेस स्कैन कराने और बायोमेट्रिक कराने का आदेश जारी किया गया। इसमें 12 कंडक्टर नहीं पहुंचे। कई दिन छुट्टी पर रहने के बाद एक कर्मचारी ने कुछ दिन पहले वेरिफिकेशन करा लिया लेकिन 11 कंडक्टर अभी तक विभाग को बिना बताए छुट्टी पर चल रहे हैं।
दिल्ली में पकड़ा गया डमी उम्मीदवार तो हुआ खुलासा
13 मई 2025 को सीटीयू को दिल्ली के सीआर पार्क थाने से एक ईमेल आया था। इसमें बताया गया कि सचिन सीबीएसई भर्ती परीक्षा में डमी उम्मीदवार के तौर पर परीक्षा देते पकड़ा गया था। पूछताछ में सचिन ने खुलासा किया कि उसने जून 2023 में सीटीयू की बस कंडक्टर भर्ती परीक्षा में भी नवीन की जगह डमी उम्मीदवार बनकर परीक्षा दी थी। सीटीयू ने 3 जून 2025 को नवीन का बायोमेट्रिक डेटा दोबारा जांचा। जांच में सामने आया कि नवीन के फिंगरप्रिंट परीक्षा के समय दर्ज रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे। इसके अलावा भर्ती परीक्षा के समय की फोटो भी नवीन की वर्तमान तस्वीर से मैच नहीं हुई।
अमर उजाला ने उठाया था फर्जी भर्ती का मुद्दा
अमर उजाला ने 13 मई को दिल्ली में फर्जी तरीके से परीक्षा देते पकड़े गए अभ्यर्थी के कबूलनामे के बाद इस मुद्दे का प्रमुखता से उठाया। अमर उजाला ने जून, जुलाई और अगस्त माह में प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया। इस पर सीटीयू की ओर से 2023 में भर्ती होने वाले सभी कंडक्टरों को 21, 22 और 23 जुलाई को वेरिफिकेशन के लिए बुलाया। इसी में ये 11 कंडक्टर नहीं पहुंचे थे। इस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए अब विभागीय कार्रवाई के साथ ही पुलिस केस दर्ज कराने की तैयारी कर ली है।