डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि एक सटीक सूचना के आधार पर सीआईए स्टाफ पुलिस ने रामतीर्थ रोड पर स्थित गांव माहल के पास नाका लगाया। इस दौरान एक मोटरसाइकिल पर आ रहे व्यक्तियों को रोका तो रेशम सिंह मौके से फरार हो गया, जबकि किशोर को पकड़ लिया गया। उसके पास एक बैग था, जिसमें हेरोइन और ड्रग मनी थी। रेशम सिंह को पुलिस लंबे समय से तलाश रही है। उसके खिलाफ पहले ही तस्करी के अलग-अलग मामले दर्ज हैं।
इस तस्कर ने ही इस खेप को सीमा पार पाकिस्तान से मंगवाया था। पिछले दस दिनों में काउंटर इंटेलिजेंस ने यह दूसरी बड़ी सफलता हासिल की है। इससे पहले सीआई अमृतसर स्टाफ की ओर से 29 जनवरी को अमृतसर से ही तस्कर रछपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपी से पुलिस ने तब 12 लाख 50 हजार रुपये और पांच लाख अलग से बरामद किए थे।
नाबालिग का सहारा ले रहे हैं तस्कर
पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया है कि पंजाब के तस्कर अब सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए नशीले पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए नाबालिगों का सहारा ले रहे हैं। वहीं, गैंगस्टर भी टारगेट किलिंग और आतंकी हमले में नाबालिग को शामिल कर रहे हैं। मोहाली और तरनतारन आरपीजी अटैक में नाबालिगों की भूमिका सामने आ चुकी है।