पूर्व आईएएस अधिकारी ने कहा कि जहां आम इंसान अधिक से अधिक 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो जाता है, वहीं श्रीबृजलाल ने 60 साल तक पूरी शिद्दत के साथ शिक्षण के क्षेत्र में बेमिसाल योगदान दिया। थानेसर से चार बार विधायक रह चुके हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि उनके शिक्षक रहे श्रीबृजलाल ने ही उन्हें यह सीख दी थी कि सफलता का रास्ता अनुशासन से बनता है। अरोड़ा ने कहा कि श्रीबृजलाल ने विद्यार्थियों को शिक्षा देने साथ देश भक्ति की भावना भरने की भी भूमिका निभाई थी।
नारायणी ग्रुप करनाल के निदेशक डॉ पंकज शर्मा ने कहा कि गुरुजी ने छात्रों को केवल पढ़ाया ही नही था, जीना भी सिखाया । इनकम टैक्स कमिश्नर रविंद्र सागर ने कहा कि गुरुजी हर एक छात्र की पृष्ठभूमि याद रखते थे। अमेरिका के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुधीर अग्रवाल ने कहा कि उनमें गणित पढ़ाने का अद्भुत तरीका था।
इसके अलावा श्रीबृजलाल को याद करते हुए अमेरिका, कनाडा ,ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, जापान, जर्मनी से पूर्व छात्रों ने संदेश भेजे। इस मौके पर पूर्व सांसद गुरदयाल सिंह सैनी, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के सदस्य डा.रामेंद्र सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, विधायक के बड़े भाई रमेश सुधा, भाजपा नेता साहिल सुधा, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मनोज कौशिक केयू के पूर्व रजिस्ट्रार प्रवीण सैनी, रतनचंद सरदाना विद्या भारती शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बता दें कि पूरे जीवन साइकिल पर चलने वाले श्रीबृजलाल को 2014 में उनके पूर्व शिष्यों ने कार भेंट की थी। यह कार श्रीबृजलाल के पूर्व शिष्यों द्वारा सम्मान स्वरुप भेंट की गई थी।
पूर्व छात्रों ने अस्थि कलश से स्कूल प्रांगण में डाली राख
श्रद्धांजली समारोह के बाद गीता स्कूल के पुरातन विद्यार्थियों ने अपने शिक्षक श्रीबृजलाल के अस्थि कलश से राख लेकर पूरे प्रांगण में विसर्जन किया। यहां बता दें कि 2019 में गीता स्कूल के पूर्व छात्रों की ओर श्रीबृजलाल का नाम पदमश्री के लिये नामिनेट किया गया था,विद्यार्थियों ने बताया कि दुबारा इस फाइल को सरकार के पास भेजा जाएगा।
पूर्व छात्रों की ओर से की गई है ये चार बड़ी घोषणाएं
- श्रीबृजलाल के नाम पर हर साल १० जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
- हरियाणा में मेधावी छात्रों को बृजलाल गणित अवार्ड हर साल दिये जाएंगे।
- गीता स्कूल मे अत्याधुनिक मैथ लैब की स्थापना पूर्व छात्रों की ओर की जाएगी।
- उनके नाम पर पूर्व शिक्षकों के लिये ' शिक्षक कल्याण कोष' का गठन होगा।
- इस कोष से पूर्व स्वर्गीय शिक्षक कुलभूषण अरोड़ा की बेटी को ढाई लाख की राशि जारी हो चुकी है।