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एक्सपर्ट व्यू: टूरिज्म के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट, पढ़ें- कैसे पहुंचेगा जनता को लाभ

Sun, 02 Feb 2020 05:33 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ - फोटो : social media
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टूरिज्म के बढ़ावे के लिए अब तक का यह सबसे बड़ा बजट है। वर्ष 2020-21 में पर्यटन के क्षेत्र में 2500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार पांच पुरातात्विक स्थल राखीगढ़ी, हस्तिनापुर, शिवसागर, धोलावीरा व आदिचेल्लनूर में म्यूजियम बनाएगी। इससे पर्यटक अधिक आकर्षित होंगे। दरअसल इन सभी स्थलों का भारतीय इतिहास, संस्कृति और सभ्यता से गहरा नाता रहा है। 

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इसके अलावा संग्रहालय विज्ञान और पुरातत्व विज्ञान की विधाओं में अच्छी तरह प्रशिक्षित संसाधनों के लिए वित्त मंत्री ने देश के पहले भारतीय धरोहर और संरक्षण संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस संस्थान का दर्जा मानक विश्वविद्यालय का होगा और यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन परिचालित होगा। संग्रहालय विज्ञान और पुरातत्व विज्ञान जैसी विधाओं में ज्ञान अर्जित करना, निष्कर्षों की वैज्ञानिक प्रमाणिकता जुटाने, विश्लेषण करने और उच्च स्तरीय संग्रहालयों के माध्यम से उनका प्रचार और प्रसार हो सकेगा।

राखीगढ़ी : सिंधु घाटी सभ्यता का ऐतिहासिक नगर
हरियाणा के हिसार जिले में सरस्वती नदी के शुष्क क्षेत्र में स्थित राखीगढ़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थान है। राखीगढ़ी सिंधु घाटी सभ्यता का भारतीय क्षेत्रों में धोलावीरा के बाद दूसरा विशालतम ऐतिहासिक नगर है। इन जगहों पर म्यूजियम बनने से निश्चित ही टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

 

इसके अलावा बजट का आवंटन हर राज्य को योजनाओं के मुताबिक किया जाएगा। पर्यटन की दृष्टि से हिमाचल और पंजाब भी प्रमुख हैं। ऐसे में राज्यों की योजनाओं के मुताबिक और बजट इन क्षेत्रों को मिलेगा तो विकास और अधिक होगा। इससे पर्यटक अधिक आकर्षित हो सकेंगे और राज्यों की आय में वृद्धि होगी।

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पर्यटन प्रतिस्पर्धी सूचकांक में भारत 34वें पायदान पर 

अच्छी रैंक के लिए बेहतर पर्यटन राजस्व भी जरूरी है। भारत का वर्ष 2014 में यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धी सूचकांक यानी विश्व आर्थिक मंच में 65वां स्थान था जो वर्ष 2019 में 34वें पायदान पर पहुंच गया। इसके कारण विदेशी मुद्रा आय जनवरी से नवंबर 2019 की अवधि में 1.75 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.88 लाख पहुंच गई। इस नए बजट से यह आय और बढ़ेगी। आय बढ़ने से पर्यटन में वृद्धि होगी। 

इससे रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। राज्य सरकारों को इसके लिए महत्वपूर्ण योजनाएं बनानी होंगी ताकि उसी के मुताबिक उन्हें बजट आवंटित हो सकेगा। इस तरह कहा जा सकता है कि इस वर्ष का बजट हड़प्पा-मोहन जोदड़ो सभ्यता से सिंधु सररस्वती सभ्यता का सफर है। वित्त मंत्री ने अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भारत के इज ऑफ लिविंग इंडेक्स को सुधारने का कार्य इस बजट के अंदर करने की सोची है। इस बजट में पूर्व वित्त मंत्री स्व. अरुण जेटली के बजट की झलक मिलती है। 

100 नए एयरपोर्ट डेवलप से भी टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा 
देशभर में 100 नए एयरपोर्ट डेवलप करने की बजट की घोषणा को भी टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा देने के कदम के रूप में ही देखा जा रहा है। विभिन्न पर्यटक स्थलों को जोड़ने के लिए तेजस ट्रेन चलाने की योजना है। 

इस कड़ी में पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़, हरियाणा भी लाभान्वित हो सकते हैं। इसके अलावा समुद्री म्यूजियम लोथल में बनाने का प्लान अपने में अनोखा है। कुल मिलाकर टूरिज्म के क्षेत्र को यह बजट पंख लगाने का काम करेगा। जरूरत है कि इसे धरातल पर योजनाओं के मुताबिक उतारा जाए और राज्य सरकारें बेहतर साथ दें। - डॉ. प्रशांत गौतम, प्रोफेसर, यूआईएचटीएम पंजाब यूनिवर्सिटी 
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