चंडीगढ़। थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर रविवार को पीजीआई में रक्तदान शिविर लगाया गया। थैलेसीमिक चैरिटेबल ट्रस्ट व अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित शिविर में 109 युवाओं ने रक्तदान किया। रक्तदान से मिले खून को थैलेसीमिया के मरीजों के इलाज में उपयोग किया जाएगा। शिविर का उद्घाटन पीजीआई के पीडियाट्रिक गेस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटॉलजी विभाग की प्रो. साधना बी लाल ने किया। उन्होंने कहा कि गर्मी की चिंता किए बिना घरों से बाहर निकलकर अजनबियों के लिए खून देने का यह जज्बा ऐसे ही कायम रहना जरूरी है।
उन्होंने क्षेत्र के सभी ब्लड बैंकों में न्यूक्लिक एसिड परीक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया और गर्भावस्था के पहले तिमाही के दौरान थैलेसीमिया की जांच का समर्थन किया। शिविर में 24 युवाओं को तकनीकी कारणों के कारण रक्तदान के लिए अयोग्य घोषित किया गया। ट्रस्ट के सदस्य सचिव राजिन्दर कालरा ने बताया कि थैलेसीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है। इसके मरीज को 15-20 दिनों के बाद नियमित खून चढ़ाना पड़ता है। थैलेसीमिक चैरिटेबल ट्रस्ट 1985 से रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है। मौजूदा समय में पीजीआई और जीएमसीएच 32 में थैलेसीमिया के मरीजों के लिए संचालित दो देखभाल केंद्रों में लगभग 450 मरीजों को पंजीकृत कर इलाज किया जा रहा है।