लंबे समय से पारिश्रमिक में बढ़ोतरी की मांग कर रही आशा वर्कर्स को आखिरकार प्रदेश सरकार ने चुनावी सौगात दे दी है। शुक्रवार को सरकार ने आशा वर्कर्स के मासिक मानदेय में सौ फीसदी का इजाफा करने की घोषणा की है। संशोधित मानदेय इसी माह से लागू माना जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार को प्रदेश के आशा वर्कर्स के मासिक मानदेय को पहली सितंबर से दोगुना करने की घोषणा की। अब आशा वर्कर्स को 500 रुपये के बजाय एक हजार रुपये का मासिक मानदेय मिलेगा।
पहले राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत आशा वर्कर्स को उनके प्रदर्शन के आधार पर प्रोत्साहन मिल रहा था लेकिन मुख्यमंत्री ने पहले फरवरी 2014 से उन्हें 500 रुपये का मासिक मानदेय दिया और अब इस मानदेय को बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्तउन्हें फरवरी 2014 से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत मासिक आधार पर प्राप्त मानदेय के 50 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त मासिक प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।
आशा वर्कर्स को अप्रैल 2013 से सरकारी अस्पतालों में प्रसूति मामलों में सहायता करने पर 200 रुपये प्रति मामले की दर से भी प्रोत्साहन मिल रहा है। इन निर्णयों से प्रदेश के 19,110 आशा वर्कर्स लाभान्वित होंगी और सरकारी खजाने पर लगभग 40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।