कपूरथला जेल के वेलफेयर ऑफिसर रहे कर्मजीत सिंह भुल्लर ने पंजाब की सेंट्रल जेलों में नियमों को ताक पर रखकर 100 करोड़ की खरीदारी मामले की सीबीआई जांच के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी है।
याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और इस याचिका को दाखिल करने के लिए योग्य होने की बात साबित न कर पाने पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। याचिका में भुल्लर ने कहा कि उसे 2014 में कपूरथला के जेल वेलफेयर ऑफिसर का पद सौंपा गया था।
इसके बाद सेंट्रल जेल फरीदकोट भेज दिया गया। उन्होंने पाया कि कैदियों के लिए होने वाली खरीदारी में भारी धांधली हो रही है। जो सामान बाहर कम दामों पर उपलब्ध है, उसे ऊंचे दामों पर अनधिकृत स्टोर से खरीदा जा रहा है।
यह न केवल पंजाब सरकार कैंटीन मैनेजमेंट रूल्स 1965 के खिलाफ है बल्कि साथ ही पंजाब फाइनेंशियल रूल्स और पंजाब सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के विपरीत है। याची ने कहा कि इस प्रकार से पिछले 3 वर्ष में 100 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की गई है, जो नियमों को ताक पर रखकर गई और यह घोटाला है।