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पंजाब की सेंट्रल जेलों में 100 करोड़ के घोटाले का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

Thu, 05 Jan 2017 08:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हाईकोर्ट - फोटो : file photo
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कपूरथला जेल के वेलफेयर ऑफिसर रहे कर्मजीत सिंह भुल्लर ने पंजाब की सेंट्रल जेलों में नियमों को ताक पर रखकर 100 करोड़ की खरीदारी मामले की सीबीआई जांच के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी है।
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याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और इस याचिका को दाखिल करने के लिए योग्य होने की बात साबित न कर पाने पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। याचिका में भुल्लर ने कहा कि उसे 2014 में कपूरथला के जेल वेलफेयर ऑफिसर का पद सौंपा गया था। 

इसके बाद सेंट्रल जेल फरीदकोट भेज दिया गया। उन्होंने पाया कि कैदियों के लिए होने वाली खरीदारी में भारी धांधली हो रही है। जो सामान बाहर कम दामों पर उपलब्ध है, उसे ऊंचे दामों पर अनधिकृत स्टोर से खरीदा जा रहा है।
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यह न केवल पंजाब सरकार कैंटीन मैनेजमेंट रूल्स 1965 के खिलाफ है बल्कि साथ ही पंजाब फाइनेंशियल रूल्स और पंजाब सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के विपरीत है। याची ने कहा कि इस प्रकार से पिछले 3 वर्ष में 100 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की गई है, जो नियमों को ताक पर रखकर गई और यह घोटाला है। 
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'नियमों को ताक पर रख की जाती है खरीद'

अदालत - फोटो : file
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस मामले में पंजाब के गृह विभाग को निर्देश जारी किए जाएं कि पंजाब की सेंट्रल जेलों में हुए कैंटीन खरीद घोटाले की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए। 

याची ने कहा कि नौकरी के दौरान उसे कई बार सम्मानित किया गया और कई प्रशस्ति पत्र भी उसके पास मौजूद हैं। हाईकोर्ट की पीआईएल बेंच ने इस मामले में याची से पूछा कि इस याचिका में उनका क्या स्वार्थ है, इस पर याची ने कहा कि वह समाज की भलाई और जनता के पैसों की लूट का मुद्दा लेकर हाईकोर्ट पहुंचा है। 

हाईकोर्ट ने इस दौरान पाया कि याची पर पुलिस एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है। इस स्थिति को देखते हुए इस जनहित याचिका को मैंटेनेबल न मानते हुए हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। 
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