गत नवंबर में उजाड़ी गई कालोनी नंबर पांच के गायब हुए मतदाताओं को ढूंढने के लिए अब प्रशासन वहां की खाली जगह पर स्पेशल कैंप लगाने जा रहा है।
प्रशासन के अधिकारियों को उम्मीद है कि शायद यहां रहने वाले मतदाता कैंप में पहुंच जाएं और उनके वोट स्थानांतरित हो सकें।
प्रशासन ने इस कैंप के लिए भी राजनीतिक पार्टियों से मदद मांगी है। यह कैंप 21 से 28 फरवरी तक कालोनी नंबर पांच में लगेगा और यहां रहने वाले जिन मतदाताओं की वोट स्थानांतरित नहीं हुई है उनसे फार्म नंबर 8 ए भरवा कर उनकी वोट स्थानांतरित कराई जाएगी।
इससे पहले प्रशासन के चुनाव विभाग ने एक और दो फरवरी को धनास में विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान में बुड़ैल और हल्लोमाजरा में शिफ्ट हुए कुछ परिवारों की जानकारी मिली थी। लेकिन, कैंप का ज्यादा लाभ न मिलने पर अब प्रशासन कालोनी में जाकर कैंप लगा रहा है।
प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली है कि कालोनी में जिनका घर था वह अभी भी वहां जाते हैं।
कालोनी नंबर पांच में कुल 17 हजार वोट थे। पिछले साल नवंबर में प्रशासन इस कालोनी को बुलडोजर चलवा कर खाली करवा दिया। यहां के लोगों को धनास में बनी पुनर्वास कालोनी शिफ्ट किया गया। जिन्हें मकान अलाट हुए ऐसे करीब सात हजार वोटर वहां शिफ्ट हुए। बाकी के दस हजार लोग बेघर हो गए थे।
उनमें से कुछ किराये के मकानों में चले गए और कुछ मोहाली अन्य जगहों पर चले गए। जिन्हें धनास में फ्लैट नहीं मिला उनका अता पता किसी के पास नहीं है।
प्रशासन ने राजनीतिक पार्टियों की मदद से इन दस हजार मतदाताओं को खोजने के अथक प्रयास किए। प्रशासन का दावा है कि इनमें से दो हजार मतदाता तो मिल गए, लेकिन आठ हजार का पता किसी को नहीं चल पा रहा है।