सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी ओबेरॉय
पाक नागरिक की हत्या मामले में फांसी की सजा पा चुके 10 भारतीयों के रिहा होने की उम्मीद बंध गई है। 23 जनवरी को इस मामले संबंधी अपील पर अबुधाबी की अदालत में सुनवाई की जाएगी।
फांसी की सजा प्राप्त पंजाबियों को बचाने के लिए दिन रात एक कर रहे दुबई स्थित ग्रैंड होटल के मालिक और सरबत का भला ट्रस्ट के प्रमुख सुरिंदरपाल सिंह ओबराय ने कहा कि मृतक पाकिस्तानी युवक पेशावर का रहने वाला था। वह अपने पीछे मा बात और तीन भाई छोड़ गया है। ओबराय ने कहा कि मृतक परिवार के साथ पाकिस्तान में दो बार मुलाकात हो गई है।
उन्होंने कहा कि कल अपील अदालत को भारत सरकार, उनके प्राइवेट वकील और साउदी अरब सरकार की तरफ से दस पंजाबियों को अलग अलग दिए वकीलों के जरिये लिखित रुप में बताया जाएगा कि मृतक पाकिस्तानी युवक का परिवार ब्लड मनी के लिए तैयार हो गया है। ओबराय ने कहा कि अभी ब्लड मनी की रकम निर्धारित नहीं हुई है, लेकिन रकम जितनी भी हो दस पंजाबियों को फांसी की सजा से बचाने की हर कोशिश की जाएगी।
ये है पूरा मामला
एसपी सिंह ओबराय, चेयरमैन, सरबत दा भला
उल्लेखनीय है कि दस जुलाई 2015 की रात को अलैन शहर में शराब की तस्करी को लेकर पाकिस्तानी और भारतीय गुटों में मारपीट हुई थी। इसमें एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई थी और दो गंभीर रुप से घायल हो गए थे। अलैन की पुलिस ने मामला दर्ज कर 11 भारतीयों को जुलाई 2015 को गिरफ्तार कर लिया था। इन भारतीयों में एक कुलदीप सिंह को दो लाख दराम जुर्माना लगा कर रिहा कर दिया था।
वहीं सतविंदर सिंह, चंद्र शेखर, चमकौर सिंह, कुलविंदर सिंह, बलविंदर सिंह, धर्मवीर सिंह, हरजिंदर सिंह, तरसेम सिंह, गुरप्रीत सिंह, जगजीत सिंह को अदालत ने दिसंबर 2016 में फांसी की सजा सुना दी थी। ओबराय ने कहा कि अभी उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। हालांकि मृतक पाकिस्तानी नौजवान के परिवार की तरफ से समझौते की पेशकश मान ली गई है।
इसके बावजूद भी इन दस पंजाबी नौजवानों की सकुशल रिहाई के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अबुधाबी स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी भी भारत सरकार की तरफ से दिए निर्देशों के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन नौजवानों की रिहाई के लिए पूरा जोर लगा रहे है।