सालों से बदहाली का शिकार प्राथमिक विद्यालय डाकपत्थर के अब ‘अच्छे दिन’ आने वाले है। क्योंकि आदर्श विद्यालय योजना के तहत प्रथम चरण में विद्यालय की सूरत संवारने के लिए पचास हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
जिसके तहत विद्यालय के पांच कमरों की मरम्मत और चहारदीवारी के रंग रोगन का काम शुरू कर दिया गया है। विद्यालय विकास योजना के तहत भी अन्य कमरों की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
कभी अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय प्रदेश के सबसे बड़े प्राथमिक विद्यालय का गौरव रखने वाला यह स्कूल लंबे समय से बदहाली का शिकार बना हुआ है। सत्तर के दशक में स्कूल का निर्माण किया गया।
परियोजना क्षेत्र में स्थित होने के कारण विद्यालय के रखरखाव का जिम्मा सिंचाई विभाग के पास है। लेकिन लंबे समय से विभाग बजट की कमी बताकर पल्ला झाड़ रहा था।
जिससे स्कूल की हालत खराब होती चली गई। लेकिन, अब आदर्श विद्यालय योजना के तहत 15 से 16 कमरों वाले इस विद्यालय की सूरत संवरने की आस जगी है।
योजना के तहत बदलेगी स्कूल की पूरी तस्वीर:
आदर्श विद्यालय योजना के तहत न सिर्फ स्कूल के कमरों की हालत को संवारने का काम शुरू किया गया है बल्कि, छात्रों के लिए फर्नीचर का भी इंतजाम किया गया है। करीब 50 हजार रुपये की लागत से छात्रों के लिए फर्नीचर और ब्लैक बोर्ड भी मंगाए जा रहे हैं।
प्रथम चरण में स्कूल के पांच कमरों की मरम्मत, चहारदीवारी और सुरक्षा गेटों की मरम्मत का काम किया गया है। अन्य कमरों की मरम्मत के लिए विद्यालय विकास योजना के तहत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। - पंकज शर्मा, बीईओ, विकासनगर