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यूपीएससी ने बदला इंजीनियरिंग सर्विसेज का सिलेबस

Tue, 29 Mar 2016 01:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ

सार

  • नई व्यवस्था 2017 से होगी लागू
  • तीन चरणों की परीक्षा में पूछे जाएंगे1300 मार्क्स के क्वेश्चन
  • बीटेक फाइनल ईयर में पढ़ने या पास होने वाले 18 से 30 साल के स्टूडेंट दे सकते हैं पेपर 
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इंजीनियरिंग सर्विसेज के सिलेबस में बदलाव - फोटो : demo pic
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विस्तार
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यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) ने इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जामिनेशन (ईएसई) मे बड़ा बदलाव किया है। अब तीन चरणों में टेस्ट कराया जाएगा, इसके बाद सेलेक्शन लिस्ट जारी होगी।
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अभी तक दो चरणों (आब्जेक्टिव और कनवेंशनल) की परीक्षा से सेलेक्शन की व्यवस्था है लेकिन अब प्रारंभिक परीक्षा और पर्सनैलिटी टेस्ट भी कराया जाएगा। नई व्यवस्था 2017 से लागू होगी। तीन चरणों की परीक्षा में 1300 मार्क्स के क्वेश्चन पूछे जाएंगे।

पुराने सिलेबस में 1000 मार्क्स का पेपर होता था। यूपीएससी हर साल 46 तरह की प्रतियोगी परीक्षाएं कराता है। इसमें इंजीनियरिंग सर्विसेज भी शामिल है। इस बार यूपीएससी ने इंजीनियरिंग सर्विसेज की पेपर स्कीम और सिलेबस बदल दिया है।
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प्रारंभिक परीक्षा जनवरी या फरवरी 2017 में कराई जाएगी। जून, जुलाई में मुख्य परीक्षा कराकर रिजल्ट दिया जाएगा। अभी तक मुख्य परीक्षा जून, जुलाई में होती थी। इंजीनियरिंग सर्विसेज में बदलाव का पूरा ब्योरा वेबसाइट www.upsc.gov.in पर उपलब्ध है।

इसका ब्योरा एचबीटीआई, आईआईटी, एआईटीएच, पीएसआईटी और यूआईईटी सीएसजेएमयू को भी भेजा गया है। इन संस्थानों के स्टूडेंट इंजीनियरिंग सर्विसेज की परीक्षा देते हैं। एजूकेशनल क्वालीफिकेशन और उम्र की सीमा में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
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18 से 30 साल के स्टूडेंट दे सकते हैं पेपर

इंजीनियरिंग सर्विसेज के सिलेबस में बदलाव - फोटो : demo pic
बीटेक फाइनल ईयर में पढ़ने या पास होने वाले 18 से 30 साल के स्टूडेंट इंजीनियरिंग सर्विसेज का पेपर दे सकते हैं। सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रानिक्स एंड टेलीकॉम इंजीनियरिंग सब्जेक्ट के स्टूडेंट प्रतियोगी परीक्षा को देते हैं।

अब यह व्यवस्था
स्टेज : 1 (प्रारंभिक परीक्षा)
500 मार्क्स के दो आब्जेक्टिव पेपर होंगे। पहला पेपर 200 मार्क्स का रहेगा, जिसे दो घंटे में हल करना पड़ेगा। जनरल स्टडीज और इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड से संबंधित क्वेश्चन होंगे। दूसरा पेपर 300 मार्क्स का होगा। यह पेपर तीन घंटे का रहेगा और इंजीनियरिंग से संबंधित क्वेश्चन पूछे जाएंगे।

स्टेज-2 (मुख्य परीक्षा)
प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ही स्टेज-2 का पेपर दे सकेंगे। इसमें कनवेंशनल टाइप के 600 मार्क्स के दो पेपर होंगे। इंजीनियरिंग से संबंधित पेपर तीन-तीन घंटे में हल करने पड़ेंगे। पेपर 300-300 मार्क्स के कराए जाएंगे।
स्टेज-3 (पर्सनैलिटी टेस्ट)
प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों का 200 मार्क्स का पर्सनैलिटी टेस्ट होगा। यह टेस्ट क्वालीफाई करने के बाद ही सेलेक्शन हो सकेगा।
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