इस बार नोएडा शहर के सीबीएसई के टॉप स्कूलों में सिर्फ दो से तीन स्टूडेंट्स ही मैथ्स में 100 में से 100 नंबर हासिल कर पाए हैं। पहली बार ऐसा हुआ है जब मैथ्स के अधिकतम नंबर 96 से 97 के बीच में आकर अटक गए हैं।
बहुत कम स्कूलों में छात्र मैथ्स में 90 से ऊपर नंबर आ पाएं हैं। छात्रों के मैथ्स के रिजल्ट को देखकर कई स्कूल हैरत में हैं। यहीं हाल कुछ इंग्लिश का भी है। इस बार मैथ्स का पेपर पिछले वर्ष की तुलना में भी कठिन आया था।
एग्जाम के दौरान सेंटर के बाहर निकल रहे छात्रों के चेहरों पर इसकी निराशा साफ दिखाई दे रही थी। शनिवार को आए सीबीएसई के 12 वीं के रिजल्ट पर भी इसका असर दिखा है।सीबीएसई कॉर्डिनेटर और एमिटी स्कूल की प्रिंसिपल रेनू सिंह ने बताया कि इस बार मैथ्स में पूरे नंबर आने वालों का आंकड़ा आधे से भी बहुत कम हो गया है। एमिटी स्कूल में इस बार सिर्फ 2 बच्चों के मैथ्स में 100 नंबर आए हैं।
जबकि हर बार ये आंकड़ा 7 से 8 के बीच में होता था । इंग्लिश में भी इस बार किसी बच्चे के 100 नंबर नहीं ला पाए हैं। इस बार सिर्फ सीबीएसई बोर्ड में 12वीं में सिर्फ 257 बच्चों के ही मैथ्स में पूरे नंबर आए हैं।
उम्मीद के मुताबिक मैथ्स का रिजल्ट नहीं रहा है। आर्मी स्कूल की वाइज प्रिंसिपल रमा ने बताया कि हमारे स्कूल में भी एक भी बच्चे के मैथ्स के पूरे नंबर नहीं आए हैं। मैथ्स का रिजल्ट पिछले वर्ष की तुलना में बेकार रहा है।
स्टूडेट अमित ने बताया कि मैथ्स का पेपर बहुत कठिन आया था। तो लगा था सीबीएसई नंबर देने में थोड़ी रिआयत बरतेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। मैं 85 नंबर पर आकर अटक गया हूं। इस वजह से मेरी प्रतिशत में भी गिरावट आ गई।