शिक्षा विभाग द्वारा अवैध तरीके से चल रहे प्राइवेट स्कूलों को बंद करने के फैसले के बाद अभिभावक अब सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले के लिए भाग रहे हैं। शहर के वीआईपी सेक्टरों के सरकारी स्कूलों में ही नहीं, कालोनी के स्कूलों में भी दाखिले के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट है।
दाखिले के लिए अधिक आवेदन के कारण शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों में नौंवीं में दाखिले के लिए एंट्रेंस टेस्ट तय कर दिया है। कई स्कूलों में 12 अप्रैल को एंट्रेंस टेस्ट हो चुका है, जबकि अन्य स्कूलों में शनिवार को टेस्ट लिया जाएगा। जानकारी अनुसार 9वीं में 2 से 3 सीटों पर दाखिले के लिए 50 से 125 आवेदन पत्र आए हुए हैं। सरकारी स्कूल अपने स्तर पर ही सीटों पर दाखिले के लिए टेस्ट आयोजित कर रहे हैं। लेकिन टेस्ट में पारदर्शिता लाने के लिए विभाग के अधिकारियों ने स्कूल प्रिंसिपलों को सख्त आदेश जारी किए हैं।
नियम 40 बच्चों का ,दाखिला 60 से 75 को
शिक्षा विभाग अपने ही नियमों को सरकारी स्कूलों में तोड़ रहा है। शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत किसी भी क्लास में 40 से अधिक स्टूडेंट को दाखिला नहीं देने के लिखित आदेश जारी किए हुए हैं। लेकिन शहर के सरकारी स्कूलों में एक एक सेक्शन में 60 से 75 स्टूडेंट्स को दाखिला दिया जा रहा है। स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जुलाई तक चार नए स्कूल शुरू करने का प्लान है, जबकि एसएसए के तहत पहले चरण में 300 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
छुट्टी में शिक्षक कर रहे चाइल्ड मैपिंग
13 से 15 अप्रैल तक शहर के सरकारी स्कूलों में छुट्टी है। लेकिन सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की शहर में चाइल्ड मैपिंग के लिए ड्यूटी लगाई गई है। विभाग के इस आदेश को लेकर शिक्षकों में खासा रोष है। चाइल्ड मैपिंग में ड्यूटी सेे महिला शिक्षक काफी परेशान हैं। चाइल्ड मैपिंक का डाटा शनिवार को स्कूल क्लस्टर हेड को जमा करवाना होगा।