देश के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए सीबीएसई की ओर से आयोजित नेशनल ऐलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) का पहला चरण रविवार को होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अब एआईपीएमटी की जगह कॉमन प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) का ही आयोजन होगा। एआईपीएमटी/एनईईटी-1 की परीक्षा वे उम्मीदवार ही दे सकेंगे, जिन्होंने एआईपीएमटी के लिए आवेदन किया था। जिन उम्मीदवारों ने एआईपीएमटी के लिए आवेदन नहीं किया वह एनईईटी के दूसरे चरण 24 जुलाई को होने वाली परीक्षा में बैठ सकेंगे।
सीबीएसई की ओर से आयोजित एनईईटी की परीक्षा के लिए देशभर से लगभग 6.67 लाख उम्मीदवार पंजीकृत हुए हैं। परीक्षा के लिए 52 शहरों में 1052 सेंटर बनाए गए हैं। बीते साल एआईपीएमटी की परीक्षा में हुई गड़बड़ी से सबक लेते हुए सीबीएसई ने परीक्षा सेंटरों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। रविवार सुबह 10 बजे से 1 बजे तक होने वाली इस परीक्षा में उम्मीदवारों को पेन ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। उन्हें परीक्षा सेंटर पर ही पेन उपलब्ध कराए जाएंगे। परीक्षा शुरू होने से पहले मैटल डिटेक्टर से उम्मीदवारों की जांच होगी।
सीबीएसई ने परीक्षा के लिए ड्रेस कोड भी लागू किया है। उम्मीदवार अपने पारंपरिक परिधान पहन कर आ सकते हैं। उसके लिए उन्हें तय समय से पहले सेंटर पर पहुंचना होगा। सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि सुबह 9.30 बजे के बाद उम्मीदवारों को परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलेगी। उम्मीदवार को वॉलेट, चश्मे, हैंडबैग, हेयर-पिन, हेयर बैंड, बैल्ट, टोपी, घड़ी, पहन कर आने की अनुमति नहीं होगी। वहीं खाने की वस्तु व पानी की बोतल सेंटर में ले जाने की मनाही है।
सीबीएसई ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि उनके बच्चे नकल करने से बचें। यदि कोई उम्मीदवार नकल करते पाया गया तो उसके परीक्षा देने पर रोक लगा दी जाएगी। उम्मीदवारों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि जो उम्मीदवार एनईईटी-1 में अनुपस्थित होंगे वे एनईईटी-2 में नहीं बैठ सकते हैं।