राजकीय शिक्षक संघ ने 1431 शिक्षकों के प्रमोशन और तबादलों से पहले अतिथि शिक्षकों की तैनाती का विरोध किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि ऐसा हुआ तो शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार करेंगे।
राजकीय शिक्षक संघ ने कहा कि प्रदेश में सहायक अध्यापक एलटी से प्रवक्ता के पद पर 1431 शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया पिछले दो साल चल रहा है।
राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
एलटी से प्रवक्ता के पद पर लोक सेवा आयोग से पदोन्नति का अनुमोदन तक हो चुका है, लेकिन अब तक प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों को तैनाती नहीं दी जा सकी है। इनके स्थान पर प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। 3089 पदों पर एलटी शिक्षकों की नियुक्ति और एलटी से प्रवक्ता के पद पर प्रमोशन से पहले यदि अतिथि शिक्षकों की तैनाती की गई तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
संगठन के प्रांतीय महामंत्री सोहन माजिला न कहा कि विभाग पहले नियमित शिक्षकों को प्रमोशन देकर उन्हें पदस्थापित करे। संगठन की ओर से राज्यपाल डॉ. केके पाल और शिक्षा निदेशक को ज्ञापन देकर नई नियुक्ति के सहायक अध्यापक एलटी शिक्षकों की दुर्गम में तैनाती की मांग की गई। संगठन ने कहा कि यदि मांग पर अमल न हुआ तो सोमवार से शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन पर बैठेंगे।