सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत इलेक्ट्रिकल ट्रेड के हजारों उम्मीदवार टी-मेट और जूनियर टी मेट भर्ती से बाहर होंगे। इससे हजारों उम्मीदवारों को झटका लगा है। भर्ती में केवल इलेक्ट्रिशियन और वायरमैन आईटीआई ही मान्य है।
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उम्मीदवारों का तर्क है कि सीओई के तहत इलेक्ट्रिकल ट्रेड और इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के पाठ्यक्रम में कोई अंतर नहीं है। वर्ष 2006 में केंद्र सरकार ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत चुनिंदा आईटीआई में 51 ट्रेड शुरू किए थे।
इनमें आईटीआई शमशी में इलेक्ट्रिल ट्रेड चलाया गया। हिमाचल में सरकारी क्षेत्र में सीओई के इलेक्ट्रिल ट्रेड को भर्ती के लिए मान्य नहीं किया जा रहा है। पंजाब समेत अन्य राज्यों में इलेक्ट्रिल ट्रेड में भर्ती की जा रही है।
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इलेक्ट्रिकल ट्रेड के डिप्लोमाधारक विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन आवेदन रिजेक्ट किए जा रहे हैं। पूर्व में भी कमीशन क्लीयर करने पर इंटरव्यू के दौरान इलेक्ट्रिकल उम्मीदवारों को झटका लगा।
बोर्ड ने कहा सिर्फ वायरमैन, इलेक्ट्रिशियन ही मान्य
जूनियर टी-मेट और टी-मेट भर्ती में आईटीआई इलेक्ट्रिशियन तथा वायरमैन ही मान्य हैं।
- फोटो : Demo pic
विजय, वनिता ठाकुर, प्रदीप, नरेश, मोहर सिंह, सत्य प्रकाश, गुड्डू, धनवीर सिंह, राम चंद, आदित्या शर्मा, करण ठाकुर, मनीष ठाकुर, राजेंद्र ठाकुर, जगदेव, राकेश कुमार, विजय कुमार, लोतम राम, राम देव, अजय कुमार, शिवा, सुंदर सिंह, महेंद्र सिंह ने बताया कि उनके आवेदनों में त्रुटियां निकालकर उन्हें अयोग्य करार दिया जा रहा है।
इससे पूर्व भी इलेक्ट्रिकल ट्रेड के कई उम्मीदवार एचआरटीसी समेत अन्य जगहों में नौकरी कर रहे हैं। अब उनके डिप्लोमा को मान्य नहीं किया जा रहा है। इधर, तकनीकी शिक्षा निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि आरएंडपी रूल्स संबंधित विभाग बनाता है। इसमें तकनीकी शिक्षा विभाग का कोई संबंध नहीं है। जुलाई 14 में बेसिक मॉडयूल और अगस्त 2015 में एडवांस मॉडयूल बंद कर दिया गया है।
जूनियर टी-मेट और टी-मेट भर्ती में आईटीआई इलेक्ट्रिशियन तथा वायरमैन ही मान्य हैं। अन्य किसी भी तरह का डिप्लोमा मान्य नहीं किया जाएगा।- रोहित जम्वाल, सचिव राज्य विद्युत बोर्ड