भारत की बेटियां सै सुपर माइलेज इंटरनेशनल प्रतियोगिता में अपनी तकनीक और हुनर का लोहा मनवाने के लिए आईआरआईएस कार के साथ तैयार हैं। प्रतियोगिता में कुल 24 टीमों में से एकमात्र छात्राओं की टीम इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विवि से भाग ले रही है।
बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर तकनीक व माइलेज दिखाने के साथ-साथ टाइगरों को बचाने का संदेश भी देंगी। कश्मीरी गेट स्थित इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय के मैकेनिकल एंड ऑटोमेशन इंजीनियरिंग की पंद्रह छात्राओं ने आईआरआईएस नाम से कार बनायी है, जोकि माइलेज कार है।
अमेरिका स्थित मार्शल मिथीगेन में 9-10 जून के बीच आयोजित होने वाली इस सै सुपर माइलेज प्रतियोगिता में ये टीम दुनिया भर के इंजीनियरिंग विश्वविद्यालयों में से चुनी गई एकमात्र छात्राओं की टीम है। सात जून को टीम अमेरिका रवाना हो जाएगी।
पैंथरा टीम हेड रश्मित कौर ने बताया कि इस आईआरआईएस कार को बनाने के लिए उन्होंने दो साल रिसर्च एंड डेवलेपमेंट पर काम किया है। कार में लगा इंजन ब्रिग्स एंड स्ट्रैटन 205 सीसी इंजन यूएसए से मंगाया गया है जो 177 केएमपीएल का माइलेज देगा। छात्राओं के मुताबिक, माइलेज बढ़ाने के लिए कोसिसिएंट ऑफ ड्रेक का प्रयोग किया गया है। कार 41 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। यह सिंगल सीटर कार है, जिसमें दो पहिए आगे और एक पीछे लगा है। कार पेट्रोल से चलेगी और इसका वजन कुल 60 किलो है।