डिजिटल इंडिया और डिजिटल हरियाणा के तर्ज पर अब प्रदेश के यूनिवर्सिटी और सरकारी कॉलेज भी डिजिटल होंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सिफारिश पर उच्चतर शिक्षा विभाग ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी समेत प्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों से डिजिटल संसाधनों की जानकारी मांगी है।
इसका मकसद आने वाले वक्त में छात्रों को डिजिटल माध्यम से शिक्षा देना है। दरअसल, प्रदेश सरकार डिजिटलाइजेशन के बढ़ते महत्व को देखते हुए शिक्षा में इसकी शुरुआत करने की तैयारी है।
इसके लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों से छात्रों के लिए ई-लाइब्रेरी, वाई फाई की सुविधा, ऑनलाइन जनरल, ई-बुक्स, रिचर्स जनरल की जानकारी मांगी है।
इसके साथ ही कॉलेजों में एजुसेट, डीटीएच और पढने-पढ़ाने के लिए कौन सा डिजिटल माध्यम अपनाया जा रहा है? इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। ताकि भविष्य में इस बाबत में संसाधन उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए अलग से बजट जारी किया जाएगा।
एमडीयू के रजिस्ट्रार का कहना है कि छात्रों को बेहतर सुविधा देने के लिए यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर कदम उठा रहा है। कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पठन पाठन के माहौल को बेहतर बनाने के लिए यूजीसी ने डिजिटल मीडियम की जानकारी मांगी है। ताकि बजट जारी कर और सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।
ऑनलाइन कोर्स की भी होगी सुविधा
यूनिवर्सिटी के डिजिटलाइजेशन के बाद छात्रों के लिए ऑनलाइन कोर्स की भी सुविधा होगी। इसमें छात्रों की ऑनलाइन क्लास लगेगी। किसी अन्य यूनिवर्सिटी में बैठे विशेषज्ञ शिक्षक छात्रों के क्लास लेंगे। कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए भी ऑनलाइन टीचिंग और स्टडी हेल्प दी जाएगी।
ये है शहर के कॉलेजों की स्थिति
शहर में पांच राजकीय कॉलेजों में से किसी भी कॉलेज में डिजिटल माध्यम से पढने पढ़ाने का कोई भी माकूल बंदोबस्त नहीं है। सेक्टर-14 स्थित कॉलेज में वाई फाई की सुविधा शुरू की गई थी, लेकिन वो बीते कई सालों से बंद है। ऑनलाइन लाइब्रेरी और क्लास रूम शहर के कॉलेजों के लिए दूर की बात है।