अब स्कूलों को अपने स्थापना के उद्देश्य, महत्व और शिक्षा नीति एवं लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अपनाए जा रहे मार्गो की लिखित जानकारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को देनी होगी। स्कूलों को बताना है कि 2022 तक उनके स्कूल का उद्देश्य क्या होगा?
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार सभी स्कूल प्रमुखों को स्टेटमेंट तैयार कर स्कूल की वेबसाइट के होम पेज पर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, केंद्र सरकार 2022 में देश में आजादी की 75वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी स्कूलों को 2022 तक का अपना मिशन फोर एचीवमेंट लिखने को कहा है।
यह मिशन फोर एचीवमेंट स्कूल के वेबसाइट, स्कूल बोर्ड, स्कूल डायरी, बनुलेटिन, लेटर हेड, कैलेंडर, इयर बुक आदि सभी जगह अंकित करना है। ताकि अभिभावक, छात्र-छात्राएं, शिक्षक समाज के सभी वर्गों के लोग इसे देख सकें।
मिशन स्टेटमेंट से आशय उस स्टेमेंटट से है जिसमें यह बताना है कि तय अवधि में स्कूल किन उद्देश्यों को प्राप्त करना चाहता है। मिशन स्टेटेमेंट को तैयार करने में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से भी चर्चा करनी होगी।
स्कूल कैसे छात्रों में पढने की आदत विकसित करेंगे, कैसे स्कूल अपने आसपास के लोगों को 100 प्रतिशत साक्षरता सुनिश्चित करेंगे और कैसे बच्चों के अनुकूल माहौल बनाया जा सकता है।
हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के अध्यक्ष एसएस गोसाईं ने बताया कि मिशन स्टेटमेंट शिक्षण संस्थानों को मानवीय शिक्षा, समाज के प्रति जिम्मेदारी एवं बेहतर प्रदर्शन को लेकर उनका फोकस, दिशा मोटिवेशन के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मिशन स्टेटमेंट तैयार होने से स्कूल प्रबंधन, शिक्षक, छात्र और समुदाय के अन्य सदस्यों में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक समझदारी विकसित होगी। आनंद गुप्ता, प्रिंसिपल, विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल, सेक्टर-15