एचपीयू में एसएफआई की विवि इकाई ने क्रमिक अनशन को और तेज कर दिया है। वीरवार को एक साथ 50 कार्यकर्ता अनशन पर बैठे और मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। एसएफआई ने पहले 24 घंटे का क्रमिक अनशन चलाया।
इसके बाद 48 घंटे के क्रमिक अनशन में बदला और अब एक साथ 50 छात्र तथा छात्राएं 24 घंटे का अनशन कर बैठेंगे। इकाई अध्यक्ष नोवल ठाकुर ने कहा कि कुलपति आम छात्रों की मांगों को लेकर किए जा रहे इस आंदोलन को अहम की लड़ाई बना रहे हैं और मांगों को अनसुना कर रहे हैं।
मांगें मानने की बजाय वे इसे कुचलने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी छात्रों की समस्याओं को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। नोवल ने कहा कि कि हड़ताल को आने वाले समय और उग्र किया जाएगा। मांगें नहीं मानी तो अब एसएफआई के सौ कार्यकर्ता सामूहिक भूख हड़ताल करेंगे।
इसके बाद दो सौ और जरूरत पड़ी तो यह आंकड़ा पांच भी पहुंच सकता है। कार्यकर्ता मांगें मनवाने को कुलपति कार्यालय तक मार्च कर वहां भी भूख हड़ताल कर सकते हैं। नोवल ने कहा कि आंदोलन को आम छात्रों और प्रदेश की जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। एसएफआई मांगों को अब लिखित में ही मान कर रहेगी। आंदोलन से पैदा होने वाले हर तरह के हालात के लिए कुलपति स्वयं जिम्मेदार होंगे।
यह 50 छात्र बैठे 24 घंटे की भूख हड़ताल पर
अनशन पर बैठे 50 छात्र-छात्राओं में हिंदी विभाग से कांता, सपना, प्रतिमा, सतीश, सुशील, विधि विभाग से ललिता, पूजा, कंचन, ज्योति, खेमराज, लियाकत अली, विनित, सुरेश, मनोज, विजय, गुरमीत, संजीव, अजय, मोंटी, एमसीए विभाग के छात्र प्रियंका, प्रिया, उर्मिला, मोहित, रवि, आयूष, अर्थशास्त्र विभाग रिना, सोनी, श्वेता, सरदारी, विनोद, समाज शास्त्र से सुनीता, गौरव, राजनीतिक विज्ञान किरण, अरुणा, घनश्याम, सुरेश इतिहास विभाग के छात्र दीपक, लोक प्रशासन विभाग से रमन नेगी, नेहा वाणिज्य विभाग बलदेव, विकास, सन्नी। इंग्लिश विभाग से कृतिका, किरण, जगमोहन एमबीए विभाग से अदिति, एटीए तेंजिन, पीआरसी रजत शामिल रहे।