स्मृति ईरानी आईआईएम के पांचवें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंची थीं।
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प्रबंधन ज्ञान को समाज के उत्थान और राष्ट्र निर्माण में भी लगाना होगा। अब समय आ गया है कि युवा नई विंडो और विजन के साथ बेहतर भविष्य का प्लेटफार्म तैयार करें, तभी वह आगे बढ़ सकते हैं। यह बात केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कही। वे शनिवार को आईआईएम के पांचवें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंची थीं।
टैगोर सभागार में हुए समारोह में उन्होंने कहा कि जीवन में असफलताओं से हार नहीं माननी चाहिए। इसमें सबसे बड़ा उदाहरण कारपोरेट जगत के स्टीव जॉब्स हैं। ऐसे लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना होगा, लेकिन इससे पहले जरूरत है बेहतर भविष्य का रोड मैप तैयार करने की। समारोह में केंद्रीय मंत्री ने मैनेजमेंट के 145 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा देते हुए कहा कि अभी तक आपकी जिम्मेदार अभिभावकों पर थी, लेकिन अब आपके खुद के कंधों पर है। अपना भविष्य खुद ही बनाना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए उनमें उत्साह भरा। मुख्यातिथि ने एकेडमिक में अच्छे प्रदर्शन के लिए विद्यार्थी मयंक गर्ग और बेस्ट आल राउंडर के लिए सेजल अग्रवाल को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया।
आईआईएम ने किया अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से एमओयू
आईआईएम के चेयरमैन रविकांत ने पासिंग आउट बैच को बधाई देते हुए कहा कि आईआईएम ने अब कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से एमओयू कर लिया है। इससे संस्थान में वैश्विक कल्चर को बढ़ावा मिलेगा और ज्ञान भी बढ़ेगा। संस्थान नए और रचनात्मक विचारों को बढ़ावा देने के लिए उद्यमशीलता के नए अवसर भी प्रदान करेगा। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य के लिए फैकल्टी की प्रशंसा की। आईआईएम के निदेशक प्रो. अतानु रक्षित ने संस्थान की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि 2015 में संस्थान ने कामकाजी एक्जिक्यूटिव के लिए ईपीजीपी कोर्स भी शुरू किया है। संस्थान के पास अब अपना इन्क्यूबेशन सेंटर है, जिससे नवउद्यमियों को अपना स्टार्टअप शुरू करने में मदद मिलेगी।
जल्द ही सुनारिया में शिफ्ट होगा आईआईएम
प्रो. अतानु रक्षित ने बताया कि संस्थान वर्तमान में एमडीयू कैंपस की बिल्डिंग में चल रहा है। नया कैंपस सुनारिया में निर्माणाधीन है, जिसका अधिकतर काम पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि जल्दी ही संस्थान नए कैंपस में शिफ्ट कर दिया जाए।
एक घंटा लेट पहुंचीं मंत्री, नौ मिनट के भाषण में जीता दिल
नौ मिनट की अवधि में केंद्रीय मंत्री विद्यार्थियों के बीच विद्यार्थी बनती दिखाई दीं।
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के पहुंचने का समय तीन बजे रखा गया था, लेकिन ट्रैफिक के चलते वह लगभग एक घंटा लेट पहुंचीं। उन्होंने 5:20 पर भाषण शुरू किया और 5:29 पर खत्म कर दिया। इस नौ मिनट की अवधि में केंद्रीय मंत्री विद्यार्थियों के बीच विद्यार्थी बनती दिखाई दीं। उन्होंने बात-बात पर विद्यार्थियों को हंसाया। गोल्ड मेडल विजेता विद्यार्थी मयंक गर्ग की अधिक लंबाई को लेकर भी उन्होंने मजाकिया लहजे में उनके पिता से कहा कि गर्ग साहब बेटे की लंबाई काफी है।
मैनेजमेंट का तजुर्बा लेकर सिविल सर्विस में करूंगी सेवा : सेजल
आईआईएम की बेस्ट आल राउंडर रहीं सेजल अग्रवाल मूलरूप से कलकत्ता की रहने वाली हैं। सेजल का कहना है कि कलकत्ता में भी आईआईएम है, लेकिन रोहतक आईआईएम का काफी नाम सुना था। यहां की फैकल्टी बहुत अच्छी है। इसलिए दो साल पहले यहां पर एमबीए में एडमिशन लिया था। बकौल सेजल वह सिविल सर्विस में जाना जाती है। आईआईएम में एडमिशन लेने का मुख्य उद्देश्य यहां का तजुर्बा लेना था। अब यहां से मैनेजमेंट की जानकारी लेकर सिविल सर्विस में प्रयास करूंगी। दीक्षांत समारोह में सेजल के पिता सुशील कुमार, माता दर्शना अग्रवाल, छोटी बहन आस्था और भाई अंकित भी पहुंचे थे। इस उपलब्धि पर सभी में खुशी का माहौल है।