प्रदेश के कॉलेजों में मनमर्जी से नहीं, यूजीसी की गाइडलाइंस के मुताबिक राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) लागू होगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेज प्रिंसिपलों, लेक्चरों सहित कई अन्य शिक्षाविदों के साथ बैठक कर साल 2016-17 के शैक्षणिक सत्र से हिमाचल में यूजीसी के प्रस्ताव पर पढ़ाई करवाने का फैसला लिया है। शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव को मंजूरी के लिए एचपीयू को भेजा है।
अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा डा. अमरदेव ने इसकी पुष्टि की है। देश में सबसे पहले हिमाचल ने रूसा में सीबीसीएस को लागू किया है। यूजीसी की गाइडलाइंस तय न होने से प्रदेश में विभिन्न विशेषज्ञों से राय लेकर विवि ने गाइडलाइंस तय कीं। बीते तीन साल से कॉलेजों में रूसा सिस्टम का विरोध हो रहा है। छात्र संगठनों से लेकर शिक्षक तक विरोध करते रहे हैं।
अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी अपनी गाइडलाइंस की कमियों को स्वीकार कर लिया है। उधर, यूजीसी ने उनकी गाइडलाइंस न अपनाने वाले राज्यों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने यूजीसी की गाइडलाइंस को अधिमान देते हुए मंजूरी दे दी है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन अंतिम फैसला लेगा।
ये हैं यूजीसी की गाइडलाइंस
यूजीसी ने स्नातक में 19 कोर्सेज के मॉडल सिलेबस तैयार किए हैं। प्रत्येक कोर्स में पाठ्यक्रम को अलग-अलग क्रेडिट्स में तैयार किया है। सीबीसीएस में उन्हें मनचाहे चैप्टर विभिन्न सेमेस्टर में पढ़ने की छूट होगी। जो मॉडल सिलेबस तैयार किया है, उसमें कई नई चीजें शामिल की गई हैं, ताकि स्टूडेंट्स परंपरागत कोर्सेज में भी बीते सालों में ग्लोबल स्तर पर हुए बदलावों को पढ़ सकें।
यूजीसी ने अपनी वेबसाइट पर भी विभिन्न कोर्सेज के मॉडल सिलेबस अपलोड किए हैं। सीबीसीएस में एक यूनिवर्सिटी से दूसरे यूनिवर्सिटी में जाने का विकल्प है। सभी अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट लेवल की डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्रोग्राम में यह लागू होगा। ट्रांसफर होने पर जितना क्रेडिट छात्र ने प्राप्त किया है, वह दूसरे यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर हो जाएगा। इस प्रणाली में स्टूडेंट अंतिम तौर पर जिस यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के लिए निर्धारित कुल 72 क्रेडिट प्राप्त करेंगे, उसी यूनिवर्सिटी से डिग्री मिलेगी।
डिग्री मान्यता पर अभी भी संशय
प्रदेश में रूसा के तहत डिग्री करने वाले हजारों छात्रों के भविष्य पर अभी भी संशय बना हुआ है। यूजीसी की ओर से विश्वविद्यालय, शिक्षा विभाग को कोई जानकारी नहीं दी गई है। हिमाचल से सीबीसीएस में डिग्री करने वाले छात्रों को अन्य राज्यों के शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश नहीं मिल रहा है।