राजकीय दून मेडिकल कॉलेज को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) से मान्यता मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बृहस्पतिवार को दून मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने आई एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम बेहद संतुष्ट नजर आई। शाम को टीम लौट गई।
दून मेडिकल कॉलेज को मान्यता के लिए जनवरी में एमसीआई की टीम ने निरीक्षण किया था। इसके बाद 27 बिंदुओं पर खामियां दूर करने के लिए एमसीआई ने कॉलेज को पत्र भेजा था।
बृहस्पतिवार को इन खामियों के परीक्षण के लिए ग्रांट मेडिकल कॉलेज मुंबई की डॉ. पल्लवी, बैंगलोर के मेडिकल कॉलेज से डॉ. विद्या कुमारी और जयपुर के मेडिकल कॉलेज से डॉ. सुशील कुमार सिंह की टीम निरीक्षण करने पहुंची। पहले टीम देहराखास स्थित मेडिकल कॉलेज के परिसर पहुंची।
एमसीआई संतुष्ट
यहां कुछ देर निरीक्षण के बाद टीम के दो सदस्य दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालयों का निरीक्षण करने चले गए। यहां सभी डॉक्टरों की काउंटिंग की गई। ज्यादातर बिंदुओं पर एमसीआई की टीम संतुष्ट नजर आई। एमसीआई की टीम के शाम को लौटने के बाद सभी चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों में खुशी की लहर है। माना जा रहा है कि इस साल कॉलेज को फर्स्ट एलओपी(लैटर ऑफ परमीशन) मिल जाएगा। अगर मान्यता मिली तो कॉलेज को 100 से 150 एमबीबीएस सीटें मिल जाएंगी।
काफी खामियां दूर, कुछ बाकी
सेंट्रल बिलिंग काउंटर, दून अस्पताल और महिला अस्पताल का एकीकरण, अलग अलग विभाग स्थापित करना, माइक्रोबायोलॉजी और पैथोलॉजी लैब का उच्चीकरण, देहराखास स्थित परिसर में प्रशासनिक भवन, हॉस्टल, लेक्चर थियेटर, ह्यूमन एनोटॉमी लैब और अन्य प्रयोगशालाएं तैयार हो चुकी हैं। दून अस्पताल में टीम ने ऑपरेशन थियेटर, पैथोलॉजी लैब, बिलिंग काउंटर और पूछताछ केंद्र पर कमियां बताई। टीम ने सभी को दुरुस्त करने को कहा। वहीं टीबी वार्ड में पेंट्री का निर्माण और महिला और पुरुष वार्ड अलग अलग करने को कहा गया।
इनका है कहना
एमसीआई की टीम हमारे कार्यों से संतुष्ट नजर आई। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही 150 एमबीबीएस सीटों के लिए फर्स्ट एलओपी जारी कर दी जाएगी।
-डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज