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अब ऑनलाइन पढ़िए एडवांस्ड स्टडी की 100 साल पुरानी किताबें

Wed, 25 May 2016 12:01 AM IST
रामेश्वरी ठाकुर/अमर उजाला, शिमला
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पुस्तकालय के पंजीकृत सदस्य ही ऑनलाइन इन किताबों को पढ़ सकते हैं। - फोटो : Demo pic
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शिमला के चौड़ा मैदान स्थित ऐतिहासिक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी (आईआईएएस) की लाइब्रेरी में (सौ साल पुरानी) किताबों को पाठक अब ऑनलाइन पढ़ सकेंगे।
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शिमला के चौड़ा मैदान स्थित ऐतिहासिक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी (आईआईएएस) की लाइब्रेरी में (सौ साल पुरानी) किताबों को पाठक अब ऑनलाइन पढ़ सकेंगे। संस्थान की ओर से अब तक करीब 500 किताबें डिजिटलाइज की जा चुकी हैं।

इसमें लगभग 50 किताबें एंटीक हैं । यह कार्य फरवरी 2016 से शुरू कर दिया गया है। सभी किताबों को डिजिटलाइज किया जाएगा। पुस्तकालय के पंजीकृत सदस्य ही ऑनलाइन इन किताबों को पढ़ सकते हैं। साल 1965 से शुरू हुए इस लाइब्रेरी में विभिन्न तरह की किताबों का संग्रह है।
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पुस्तकालय में  करीब डेढ़ लाख किताबें
वर्तमान समय में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी के पुस्तकालय में करीब डेढ़ लाख किताबें हैं। जिसमे करीब 50 हजार जर्नल  और 10 इलेक्ट्रॉनिक जर्नल हैं। प्रतिवर्ष करीब 300 नए जर्नल विभाग उपलब्ध करवाता है।

किताबों के लिए मिलता है पर्याप्त बजट
लाइब्रेरियन प्रेम चंद ने बताया कि लाइब्रेरी में किताबों के  लिए मिनिस्टरी ऑफ ह्यूमन एंड रिसोर्सिज डिपार्टमेंट की ओर से पर्याप्त बजट मिलता है। हर साल करीब दो हजार नई किताबें उपलब्ध करवाई जाती हैं और इनके रखरखाव के लिए पर्याप्त स्टाफ भी है।-प्रेम चंद, सचिव और लाइब्रेरियन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी

कर्मचारियों और शोधकर्ताओं को बनाया जाता है मेंबर
मेंबरशिप के लिए इंस्टीट्यूट के कर्मचारियों और शोधकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाती है। कॉलेज और यूनिवर्सिटी में विभिन्न विषयों में कर रहे शोधकर्ताओं को पाठ्यक्रम से संबधित यह किताबें शोध करने में सहायक सिद्ध होती हैं।
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