पंजाब यूनिवर्सिटी में शक्ति प्रदर्शन के बाद शनिवार को सभी छात्र संगठनों ने छात्र संघ चुनाव के लिए अपने पैनल की घोषणा कर दी। इस बार प्रेसिडेंट पद के लिए 7 उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि नामांकन 50 ने भरा था।
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वाइस प्रेसिडेंट के लिए 5, सेक्रेटरी के लिए 6 और ज्वाइंट सेक्रेटरी के लिए 7 कैंडीडेट अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। शनिवार को गठबंधन के लिए दिनभर छात्र संगठनों की खिचड़ी पकती रही। छोटे संगठनों ने बड़े संगठनों के साथ गठबंधन कर लिया है। वहीं एनएसयूआई इस बार दो धड़ों में बंटी है।
मनोज लुबाणा ग्रुप एनएसयूआई के बैनर तले अलग पैनल के साथ चुनाव लड़ रहा है। जबकि हरदीप लाली, दिव्यांशु बुद्घिराजा, ग्रुप एनएसयूआई (स्टूडेंट फ्रंट) अलग पैनल से लड़ रहे हैं। पैनल घोषित होने के बाद मुकाबला त्रिकोणिय हो गया है। सोई गठबंधन, एनएसयूआई और एनएसयूआई फ्रंट में सीधा मुकाबला नजर आ रहा है।
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एनएसयूआई और एनएसयूआई फ्रंट में नोक-झोंक
पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
स्टूडेंट सेंटर पर सबसे पहले अपना पैनल घोषित करने आई एनएसयूआई स्टूडेंट फ्रंट की एनएसयूआई से नोक-झोंक हो गई। एनएसयूआई स्टूडेंट फ्रंट के छात्र नेता अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। एनएसयूआई की नारेबाजी करने लग गई।
इतने में ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंद्र सिंह राजा वडिंग भी स्टूडेंट सेंटर पहुंच गए। लेकिन स्टूडेंट सेंटर की गोल बिल्डिंग पर एनएसयूआई फ्रंट के छात्र नेता मौजूद थे। राजा वडिंग नीचे ही मनोज लुबाणा और पैनल से बातचीत कर वापस लौट गए। उनके जाने केबाद एक बार फिर दोनों संगठनों में नोक-झोंक बढ़ गई पुलिस और पीयू सिक्योरिटी ने बीच में घुसकर मामला शांत करवाया।
दिग्विजय चौटाला ने की सोई गठबंधन पैनल की घोषिणा
सोई कोर्डिनेटर एवं पंजाब स्टेट यूथ डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन परमबंस सिंह बंटी रमाना, इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला और एबीवीपी के वरिष्ठ नेता नवीन ने सोई गठबंधन का पैनल घोषित किया। बंटी रमाना ने मिशन 2000 प्लस की घोषणा करते हुए कहा कि वह इतनी लीड इस चुनाव में दर्ज करेंगे। इनसो नेता दिग्विजय चौटाला ने कहा कि वह सिर्फ शिक्षा के लिए ही नहीं बल्कि एक्सपोजर के लिए भी काम करेंगे। सोई गठबंधन सोमवार को स्टूडेंट सेंटर पर शक्ति प्रदर्शन करेगा।
70 फीसदी लड़कियां फिर भी प्रेसिडेंट की दावेदार केवल एक
पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
पीयू में 70 फीसदी संख्या लड़कियों की होने के बावजूद प्रेसिडेंट पद की दावेदार केवल एक लड़की है। जबकि 12 लड़कियों ने प्रेसिडेंट के लिए अपना नामांकन भरा था।
शनिवार को 11 ने अपना नाम वापस ले लिया। अधिकतर संगठनों ने पहले की तरह लड़कों पर भी भरोसा जताया। केवल एनएसयूआई ने सिया मिनोचा को अपना प्रेसिडेंट कैंडीडेट बनाया है।
एसएफएस पहली बार मैदान में
एसएफएस हर बार छात्र संघ चुनाव से बाहर रहकर बॉयकाट करता था। लेकिन पहली बार एसएफएस ने भी इस जंग में अपने प्रेसिडेंट पद के लिए अमृतपाल सिंह को उतारा है। एसएफएस सिर्फ इसी पद के लिए लड़ रहा है। बाकि पदों पर उसने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे।
पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
छात्र संघ चुनाव में लॉ विभाग से सबसे अधिक तीन प्रेसिडेंट उम्मीदवार हैं। गुरजशनदीप सिंह, रमनदीप सिंह और सिया मिनोचा भी लॉ विभाग से ही हैं। पहली बार उर्दू से भी प्रेसिडेंट पद के लिए पीयूष आनंद मैदान में उतरे हैं।
15205 वोटर करेंगे फैसला
इस चुनाव में 15 हजार 205 वोटर अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को चुनेंगे। यूआईईटी में सबसे अधिक 2514 वोटर्स हैं। उसकेबाद यूआईएलएस की 1174, फिर लॉ की 1150 हैं।