अभिभावकों को लूटने वाले प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कसते हुए विभाग ने 85 स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया है। प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ आखिर प्रशासन के आला अधिकारियों की फटकार के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की हिम्मत जुटाई हैं। शनिवार शहर के 85 से अधिक सभी प्राइवेट स्कूलों की निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लागू करने की मनमानी के खिलाफ शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद प्राइवेट स्कूल और निजी पब्लिशर्स की मिलीभगत से एनसीईआरटी किताबें लागू करने के फैसले पर अमल नहीं हो सका। अमर उजाला द्वारा निजी पब्लिशर्स की किताबों के मामले को लगातार प्रमुख्ता से उठाए जाने के बाद ही शिक्षा विभाग के डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(डीएसई) ने प्राइवेट स्कूलों को नोटिस भेज चार दिन के भीतर(20 अप्रैल) जवाब तलब किया है।
प्राइवेट स्कूलों को नर्सरी से 12वीं क्लास तक के सिलेबस में लगवाई गई सभी किताबों की पूरी लिस्ट,किताबों के रेट और प्राइवेट पब्लिशर्स का नाम देने को कहा गया है।प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को लेकर शहर के हजारों अभिभावकों में भी खासा रोष है। अभिभावकों द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर निजी स्कूलों से इस मामले में मिलीभगत के आरोप लग रहे हैँ। मामला प्रशासक के सलाहकार परिमल राय के पास पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को छुट्टी होने के बावजूद दफ्तर में पहुंचकर प्राइवेट स्कूलोें को नोटिस भी जारी किया
जांच कमेटी गठित, अगले हफ्ते से स्कूलों का दौरा
यूटी प्रशासक की कड़ी फटकार के बाद शिक्षा विभाग अब टॉप गेयर में आ गया है। अधिकारियों के अनुसार जिन प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अधिकारियों के पास शिकायतें आई हैं उनकी जांच के लिए अगले हफ्ते ही जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) की देखरेख में कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी शिकायत वाले प्राइवेट स्कूलों में खुद जाकर दौरा करेगी। कमेटी स्कूलों में बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों से भी बातचीत कर पूरी रिपोर्ट तैयार करेगी। दो हफ्ते में यह रिपोर्ट शिक्षा सचिव को जमा करनी होगी।
प्राइवेट स्कूलों को जारी नोटिस
हिंदू माध्यमिक विद्यालयों की खास पहचान
- फोटो : amar ujala
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(डीईओ) के आदेशों पर शनिवार को सभी प्राइवेट स्कूलों को भेजे नोटिस में कहा गया है कि सभी प्राइवेट स्कूल नोटिस बोर्ड पर सभी कक्षाओं की किताब,ड्रेस के बारे में जानकारी दें। अभिभावकों को भी इस संबंध में लिस्ट उपलब्ध कराई जाए। नोटिस में शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को सभी कक्षाओं में 2016 सत्र से सिलेबस में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों की पूरी लिस्ट,रेट के बारे में जानकारी मांगी गई है। स्कूलों को वेबसाइट पर भी यह पूरी जानकारी अपलोड करनी होगी। निजी स्कूलों को यह भी लिखकर देना होगा कि उनकी किसी निजी पब्लिशर्स या दुकान से टाईअप नहीं है। स्कूल कैंपस में चल रही स्टेशनरी और यूनिफार्म के बारे में भी पूरी जानकारी देनी होगी। यह पूरी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी के पास 20 अप्रैल तक हर हाल में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीबीएसई चेयरमैन को यह लिखा ...
16 अप्रैल को सीबीएसई चेयरमैन को डीएसई की ओर से भेजी गई चिट्टी में कहा गया है कि अखबार और अभिभावकों के माध्यम से पता चला है कि शहर के अधिकतर प्राइवेट स्कूल एनसीईआरटी पब्लिकेशन की अनदेखी कर मनमाने तरीके से प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगवा रहे हैं। अभिभावकों पर आर्थिक तौर पर भारी बोझ पड़ रहा है। चेयरमैन से ऐसे स्कूलों के खिलाफ सीबीएसई की ओर से कार्रवाई की बात कही गई है।
14 मार्च को हाईकोर्ट ने जारी किए थे आदेश
किताबें
प्राइवेट स्कूलों द्वारा निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें सिलेबस से हटाकर एनसीईआरटी किताबें लागू करने को लेकर 14 मार्च 2016 को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सीबीएसई, शिक्षा विभाग और डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन सहित सभी को नोटिस जारी किया था। लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी च़ंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। प्राइवेट स्कूलों में 25 मार्च के बाद ही रिजल्ट घोषित किए गए थे, फिर भी शिक्षा विभाग ने स्कूलों को नए सत्र (अप्रैल 2016) में निजी पब्लिशर्स की किताबें हटानेे का एक नोटिस तक जारी नहीं किया। गौरतलब है कि एनसीईआरटी किताबों का सेट 300 और निजी पब्लिशर्स की किताबें 4 से 5 हजार में अभिभावकों को खरीदनी पड़ रही हैं। प्राइवेट स्कूलों में 2 लाख से अधिक बच्चों के अभिभावकों से प्राइवेट स्कूल और निजी पब्लिशर्स करोड़ों की कमाई कर रहे हैं।
सभी प्राइवेट स्कूलों से शिक्षा विभाग ने निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगवाने के बारे में जवाब तलब किया गया है। 20 अप्रैल तक स्कूलों को पूरी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी के पास जमा करनी होगी। पूरे मामले में अखबार से हमें काफी जानकारी मिली है। सीबीएसई चेयरमैन को भी प्राइवेट स्कूलों पर अपने स्तर पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है। शिक्षा विभाग पूरे मामले को पूरी गंभीरता से ले रहा है। उच्च अधिकारियों ने भी मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़
डीएसई ने शनिवार को ही सभी प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी करने के मुझे निर्देश दिए हैं। विभाग ने इस मामले में नोटिस जारी कर दिए हैं। प्राइवेट स्कूलों को चार दिन का समय दिया गया है। सीबीएसई चेयरमैन को भी मामले से अवगत करा दिया गया है।
- चंचल सिंह, डिप्टी डायरेक्टर स्कूल चंडीगढ़