आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को दाखिला न मिलने के विरोध में सोमवार को अभिभावकों ने सेक्टर 12 स्थित लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि लिखित परीक्षा पास करने वाले बच्चों को भी दाखिला नहीं मिला है, निजी स्कूलों की खुलेआम मनमानी के बावजूद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन खामोश बैठा हुआ है।
बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नियम 134ए के तहत दस फीसदी सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया है। एक मई को राज्य सरकार के निर्देश पर परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसके तहत जिले में 700 आवेदन आए थे।
जिनमें 384 आवेदनों को सही पाया गया। परीक्षा में 140 परीक्षार्थियों ने टेस्ट क्लीयर किया और शिक्षा विभाग ने इन बच्चों को स्कूल आवंटित कर दिए। इसके बाद भी बच्चों को स्कूलों में दाखिला नही मिल रहा है। सोमवार को मिशन तालीम संस्था के बैनर तले अभिभावकों ने लघु सचिवालय पर धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त चंद्रशेखर से मिलने गया और ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। इस दौरान सोहनलाल, दिनेश कुमार, नसीम अली, अब्दुल रहमान, नरेंद्र गुप्ता, रविंद्र, नंदलाल ठाकुर ने कहा कि उनके बच्चों ने परीक्षा पास कर ली, लेकिन शिक्षा विभाग के उदासीनता के चलते स्कूलों में उनके बच्चों का दाखिला नही मिल पा रहा हे। इस मौके पर मिशन तालीम के राष्ट्रीय संयोजक एकरामुल हक ने अभिभावकों को संबोधित किया।
शिक्षा विभाग पर लगाया मिलीभगत का आरोप:
मिशन तालीम के राष्ट्रीय संयोजक एकरामुल हक ने शिक्षा विभाग व निजी स्कूलों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। एकरामुल हक का कहा है कि परीक्षा का परिणाम आने के दस दिन बाद भी स्कूलों में छात्रों को एडमिशन नही मिल रहा है और शिक्षा विभाग मूकदर्शक बने बैठा है।