कैदियों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए गौतमबुद्धनगर जेल में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) का लर्निंग सेंटर खोला जाएगा। विवि प्रशासन ने जेल का सर्वे करने के बाद सेंटर खोलने के लिए हरी झंडी दे दी।
जेल प्रशासन को उम्मीद है कि 2016-17 के सत्र में ही केंद्र की शुरुआत हो जाएगी। जहां सजायाफ्ता और विचाराधीन बंदी जेल में रहकर बीए-एमए समेत अन्य डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स कर सकेंगे। जेल में सजा काट रहे कैदियों के आचरण और उनके व्यवहार में बदलाव लाने के लिए जेल प्रशासन उन्हें रोजगार की ट्रेनिंग देने के साथ-साथ अब उच्च शिक्षा पर भी जोर दे रहा है।
जेलर मोहम्मद अकरम खान ने बताया कि फिलहाल कैदियों को बेसिक तौर पर साक्षर बनाया जा रहा है। अब जेल प्रशासन कैदियों को उच्च शिक्षा दिलाने की योजना पर काम कर रहा है। इग्नू के लर्निंग सेंटर के लिए आवेदन किया गया था, जिसको लेकर विवि के उप निदेशक ने कुछ दिन पहले ही सर्वे कर क्लास रूम व अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इन सुविधाओं से विवि के अधिकारी काफी प्रभावित हुए। उन्होंने हरी झंडी दे दी है। यहां पर दूसरी जेलों में बंद कैदियों को भी पढ़ने का मौका मिल सकेगा। कैदियों को पढ़ाने के लिए विवि के अलावा बादलपुर स्थित कुमारी मायावती राजकीय महिला महाविद्यालय से भी प्रोफेसर आएंगे।
अलग-अलग पाठ्यक्रमों में 488 कैदियों ने किया आवेदन
अकरम खान ने बताया कि जेल में विचाराधीन और सजायाफ्ता 488 कैदियों ने अलग-अलग पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए आवेदन किया। सबसे ज्यादा आवेदन बैचलर ऑफ प्रीप्रेटरी प्रोग्राम के लिए आया है। दरअसल इस कोर्स को करने के बाद अभ्यर्थी सीधे अंडर ग्रेजुएट प्रोग्रामों में दाखिला लेने के योग्य हो जाता है। यह छह माह का सर्टिफिकेट प्रोग्राम होता है।
इन पाठ्यक्रमों में की होगी पढ़ाई
लर्निंग सेंटर पर बीपीपी (बैचलर ऑफ प्रीप्रेटरी प्रोग्राम), सीएफएन (सर्टिफिकेट इन फूड एंड न्यूट्रीशियन), सीएचआर (सर्टिफिकेट इन ह्ययूमन राइट्स), बीए, बीकॉम, एमए, एम.कॉम के अलावा अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज में भी दाखिला लेने का मौका मिलेगा।