अब स्कूल जाये बिना भी अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई एवं अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से मेधावी छात्राओं को दी जाने वाली स्कालरशिप की भी आसानी से जानकारी मिल सकेगी।
इसके लिए सीबीएसई बोर्ड ने सारांश और उड़ान नाम की दो योजनाएं शुरू की है। योजना के तहत कई स्कूलों ने बच्चों से संबंधित डाटा की आनलाइन फीडिंग शुरू कर दी है।
स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई में प्रगति को लेकर प्रत्येक अभिभावकों का चिंतित होना स्वाभाविक है। इसके लिए स्कूल की ओर से समय-समय पर शिक्षक-अभिभावक मीटिंग भी बुलाई जाती है।
लेकिन कई बार व्यस्तता के चलते अभिभावक ऐसी मीटिंग में नहीं पहुंच पाते। जिसके कारण उन्हें पता ही नहीं चल पाता कि उनका बेटा पढ़ाई में क्या कर रहा है।