पदम वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर प्रदेश का ऐसा पहला स्कूल बन गया है, जहां ऑटोमोबाइल लैब स्थापित की गई है।
अब स्कूल में ही बच्चे आटोमोबाइल की रिपेयर करना सीख जाएंगे। जी हां, पदम वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर प्रदेश का ऐसा पहला स्कूल बन गया है, जहां ऑटोमोबाइल लैब स्थापित की गई है। इस लैब में स्कूली छात्रों का कौशल विकास करने के साथ ही ऑटोमोबाइल रिपेयर सिखाई जा रही है, जिससे बच्चे आगे चलकर अपना निजी व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं।
केंद्र सरकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत तीन लाख रुपये की लागत से राज्य के किसी स्कूल में खोली गई यह पहली अनोखी लैब होगी। अभी तक बच्चों को कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का रुख करना पड़ता था, परंतु अब रामपुर स्कूल में पढ़ाई के साथ छात्र व्यावसायिक प्रशिक्षण भी लेने लगे हैं। स्कूल के शिक्षकों को ऑटोमोबाइल रिपेयर प्रशिक्षण देने का जिम्मा सौंपा गया है। इस प्रशिक्षण में छात्रों में खासी रुचि देखी जा रही है।
ट्रेनिंग के साथ एक हजार रुपये भत्ता
प्रधानाचार्य बीडी कश्यप ने अमर उजाला को बताया कि छात्रों को मुफ्त प्रशिक्षित करने के साथ उनको कौशल विकास भत्ता प्रतिमाह एक हजार प्रति छात्र देने की व्यवस्था की गई है।
लैब में 93 छात्र ले रहे हैं प्रशिक्षण
लैब में सेवाएं दे रहे शिक्षक मुकेश मेहता ने बताय कि वर्तमान में स्कूल के 9वीं से जमा दो कक्षा के 93 छात्र मेरिट के आधार पर प्रशिक्षण लेने के लिए चुने गए हैं। 35 बच्चों का बैच बनाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नवीं और दसवीं के छात्रों के लिए 35 मिनट का प्रशिक्षण हर रोज दिया जा रहा है।
जबकि जमा एक और दो के छात्रों को हर रोज एक घंटे का प्रशिक्षण देना तय किया है। जिन छात्रों में नवीं कक्षा में ऑटोमोबाइल रिपेयर सबजेक्ट रखा था, उनको यह प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद छात्रों का प्लेसमेंट भी किया जा सकेगा। लैब में एक वाहन और मरम्मत के लिए उपकरण जुटाए गए हैं। शिक्षक ऑटोमोबाइल में डिप्लोमा किए हैं।