हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर की नेटवर्किंग और वाईफाई लैस करने के लिए एनएमईआईसीटी (नेशनल मिशन और एजूकेशन थ्रू इनफॉरमेशन कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी) प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने एक करोड़ की ग्रांट जारी की है। इस प्रोजेक्ट को पहले ही रूसा के लिए केंद्र से एचपीयू को एक करोड़ की राशि मिल चुकी है।
प्रदेश सरकार ने करीब चार करोड़ के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने को और राशि जारी करने को सकारात्मक संकेत भी दिए हैं। इस राशि के जारी होने से अब एचपीयू कैंपस जल्द वाईफाई सुविधा से लैस हो जाएगा। इसका लाभ परिसर के हजारों छात्रों और कर्मचारियों को मिलेगा। विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी दीवाकर कमल ने प्रदेश सरकार से इस प्रोजेक्ट को एक करोड़ जारी किए जाने की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि राशि विश्वविद्यालय के खाते में आ भी चुकी है। अब शीघ्र ही तकनीकी विशेषज्ञों के साथ वाईफाई के कार्य के लिए उपकरण खरीद पर एचपीयू फैसला लेगा। परिसर में चार सौ वाईफाई उपकरण लगाए जाने हैं।
केंद्र का है यह प्रोजेक्ट
केंद्र के मानव संसाधन मंत्रालय ने एनएमईआईसीटी प्रोजेक्ट को मार्च 2013 में दिया था, जिसमें केंद्र सहित प्रदेश सरकार से मिले करीब 62 लाख से परिसर में आठ किलोमीटर ओएफसी नेटवर्किंग पूरी कर इससे एक जीबीपीएस की स्पीड से इंटरनेट सुविधा दी है। ं एक मार्च से पूरे परिसर और छात्रावासों तक में इंटरनेट इनफारमेशन के करीब सैकड़ों इनफारमेशन(इंटरनेट )आउटलेट चालू किए गए है। जिसमें छात्रों को 24 घंटे फ्री इंटरनेट यूज करने की सुविधा दी गई है।
विवि ने प्रदेश सरकार का जताया आभार
प्रोजेक्ट को एक करोड़ की राशि दिए जाने पर विवि के प्रति कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान, कुलसचिव डॉ. पंकज ललित, वित्त अधिकारी दीवाकर कमल, परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल सहित कैंपस नेटवर्किंग कमेटी के तकनीकी इंचार्ज धीरेंद्र शर्मा, प्रो. मनु सूद ने प्रदेश सरकार का आभार जताया है।