यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में सहयोग न करने वाले 11 कॉलेजों पर कार्रवाई को शिकंजा कस गया है। इनकी मान्यता रद्द करने की सिफारिश बोर्ड से की गई है। इन कॉलेजों ने अपने यहां के शिक्षकों को कॉपियां जांचने के लिए तो दूर उनके नियुक्ति पत्र लेने की जहमत तक नहीं उठाई है।
कई बार फोन करने के बाद भी जब कॉलेज नियुक्ति पत्र नहीं ले गए तो सोमवार को इनकी मान्यता समाप्ति के लिए बोर्ड को पत्र लिख दिया गया। बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 30 मार्च से शुरू हो चुका है।
राजधानी में 15 लाख से ज्यादा कॉपियां जांची जानी हैं। इसके बावजूद अभी तक 65 फीसदी परीक्षक मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंचे हैं। डीआईओएस ने इनमें से परीक्षकों के नियुक्ति पत्र न ले जाने वाले 11 कॉलेजों की मान्यता खत्म करने की सिफारिश माध्यमिक शिक्षा परिषद से कर दी है।
डीआईओएस उमेश त्रिपाठी के अनुसार उदय पब्लिक स्कूल, बाल निकुंज इंटर कॉलेज, सरस्वती बाल विद्या मंदिर इंदिरा नगर, आरबीएन इंटर कॉलेज, शक्ति विद्यापीठ महेश्वरी माता इंटर कॉलेज, माउंटबेरी इंटर कॉलेज, बीआरडी इंटर कॉलेज, सेंट मीराज, अवध कॉलेजिएट और कुंवर आसिफ अली इंटर कॉलेजों के नाम शामिल हैं।