सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में मेडिकल प्रवेश की एक ही परीक्षा कराने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट का नीट लागू करने का आदेश अब चिकित्सा शिक्षा की सूरत बदल देगा। अब न तो कोई मैनेजमेंट कोटा होगा और न ही ऑल इंडिया और स्टेट कोटा। एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिले के लिए अब केवल ऑल इंडिया रैंक जारी होगी। इससे निजी मेडिकल कॉलेजों में भी दाखिला मिलेगा।
देश में मेडिकल दाखिलों को कॉमन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट(नीट) परीक्षा कराने के आदेश के बाद निजी मेडिकल कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा भी खत्म हो जाएगा। वर्ष 2013 में जब नीट लागू किया गया था तो यह प्रावधान किया गया था।
प्रदेश के कॉलेजों में भी लागू होगा आदेश
लिहाजा, अब नए सिरे से आदेश आने के बाद भी यह साफ हो गया है कि अब देश में एकमात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा होगी। इससे प्रदेश में भी एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज और हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भी यह आदेश लागू होगा।
हालांकि मामले में स्वामी राम हिमालय यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विजय धस्माना का कहना है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का अक्षरश: पालन किया जाएगा। चूंकि उनका मेडिकल कॉलेज अब स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के अधीन है। हमारे एक्ट के हिसाब से दाखिलों की परिभाषा तय है।
लिहाजा, वह सुप्रीम कोर्ट से इस बात की जानकारी मांगेंगे कि ऐसे हालात में उन्हें क्या करना होगा। अगर कोर्ट कहता है कि नीट से ही दाखिले होंगे तो वह तैयार हैं। मामले में एसजीआरआर इंस्टीट्यूट का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो अधिकारियों ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। जो भी आदेश होगा, उसका अनुपालन किया जाएगा।