शिमला में स्थापित परीक्षा केंद्रों में करीब 4300 परीक्षार्थियों ने नीट दिया, जबकि हमीरपुर जिले में बनाए गए विभिन्न परीक्षा केंद्रों में करीब चार हजार परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे।
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प्रदेश में रविवार को हजारों छात्रों ने एनईईटी (नेशनल इलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) दिया। शिमला और हमीरपुर जिलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। राजधानी शिमला में स्थापित परीक्षा केंद्रों में करीब 4300 परीक्षार्थियों ने नीट दिया, जबकि हमीरपुर जिले में बनाए गए विभिन्न परीक्षा केंद्रों में करीब चार हजार परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे। लिखित परीक्षा के लिए सीबीएसई ने शिमला के 11 स्कूलों में सेंटर स्थापित किए थे।
परीक्षा सुबह दस बजे शुरू हुई और एक बजे समाप्त हुई। निरीक्षण टीम ने सभी परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। परीक्षा का परिणाम 5 जून को घोषित किया जाएगा। राजधानी में सेंट थॉमस स्कूल को इस परीक्षा के लिए सीबीएसई ने नोडल सेंटर बनाया था। सिटी कोआर्डिनेटर सीबीएसई विधु प्रिया चक्रवर्ती ने बताया कि शहर के 11 सेंटरों में लगभग 4300 छात्रों ने परीक्षा दी।
उधर, हमीरपुर के विभिन्न आठ परीक्षा केंद्रों में एनईईटी की परीक्षा ली गई। इनमें डीएवी स्कूल हमीरपुर, टीआरडीएवी स्कूल कांगू, हमीरपुर पब्लिक स्कूल, गौतम गर्ल्स कॉलेज, हिम अकादमी पब्लिक स्कूल विकासनगर, एसडी पब्लिक स्कूल हमीरपुर, केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर और कन्या स्कूल हमीरपुर शामिल हैं। सभी केंद्रों में करीब साढ़े चार हजार अभ्यर्थियों को बुलावा पत्र भेजे गए थे। इनमें से करीब 500 अभ्यर्थी सभी परीक्षा केंद्रों से अनुपस्थित रहे। परीक्षा में करीब चार हजार अभ्यर्थी बैठे।
एनईईटी किया गया है आईपीएमटी का नाम
आईपीएमटी का नाम बदलकर एनईईटी किया गया है। हालांकि एआईपीएमटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मेडिकल कॉलेज अपने स्तर पर प्रवेश परीक्षा लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। एनईईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अब संबंधित अभ्यर्थी किसी भी मेडिकल कॉलेज में सीधा दाखिला ले सकते हैं। प्रवेश लेने के लिए अभ्यर्थियों को देशभर में अलग से कोई प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। इससे अभ्यर्थियों को काफी हद तक राहत मिली है। पहली बार एनईईटी परीक्षा देने से चूके अभ्यर्थी 27 जुलाई को दोबारा परीक्षा में बैठ सकेंगे।