मोहाली नाइपर के कार्यकारी डायरेक्टर का पदभार प्रो. शरनजीत सिंह ने संभाल लिया। वे इससे पहले संस्थान में ही फार्मास्युटिकल एनलाइसिस विभाग में कार्यरत थे। मिनिस्ट्री ऑफ केमिकल एंड फर्टिलाइजर ने पिछले सप्ताह ही संस्थान के तत्कालीन कार्यकारी डायरेक्टर डॉ. केके भूटानी को रिटायर करने के आर्डर दिए थे।
उनके साथ तीन अन्य लोगों को भी रिटायर किया गया था। सूत्रों की माने तो भूटानी के बाद उक्त पद के लिए दो लोगों के बीच टक्कर थी। इसमें प्रो. शरनजीत और बॉयो इंफॉर्मेटिक के हेड प्रो. पीवी भारतम शामिल थे । वहीं दूसरी ओर प्रो. शरनजीत के डायरेक्टर का पद संभालने के साथ ही अंदरखाते राजनीति तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, संस्थान के छात्र उनके विरोध में आए गए हैं। जिक्रयोग है कि सीबीआई ने कुछ समय पहले ही सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में नाइपर के तत्कालीन डायरेक्टर केके भूटानी सहित कुल नौ लोगों पर केस दर्ज किया था। इसमें शरनजीत सिंह भी शामिल हैं।
इस कारण छात्र प्रो. भारतम को नियुक्त करने की मांग कर रहें हैं। वहीं, दूसरी ओर नाइपर के पूर्व फैकल्टी सदस्य डॉ. परीक्षित बंसल ने मिनिस्ट्री ऑफ केमिकल एंड फर्टिलाइजर को प्रो. शरणजीत की नियुक्ति के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने कहा कि प्रो. शरनजीत पर भ्रष्टाचार का केस चल रहा है। ऐसे में वह इस पद के काबिल नहीं है।