प्रदेश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में नए बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया का दूसरा काउंसलिंग राउंड शुरू होने वाला है। पहले दौर की काउंसलिंग के बाद एमबीबीएस, बीडीएस प्रवेश और काउंसलिंग कमेटी ने खाली सीटों का ब्योरा कॉलेज के अनुसार वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। आईजीएमसी शिमला में 15 और टांडा मेडिकल कॉलेज में विभिन्न श्रेणी की 7 सीटें खाली हैं।
पहले चरण में सीट आवंटन और ज्वाइनिंग के बाद सीट स्थिति के मुताबिक इसे अभ्यर्थियों के लिए सार्वजनिक किया गया है। दूसरे दौर की काउंसलिंग में भाग लेने के लिए 6 से 12 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 13 दिसंबर को करेक्शन और इसके बाद ऑनलाइन काउंसलिंग पूरी कर 18 दिसंबर को दूसरे चरण की काउंसलिंग के आधार पर सीट आवंटन की सूची जारी कर दी जाएगी। 21 और 22 दिसंबर को आवंटित कॉलेज में प्रवेश का समय दिया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि खाली सीट की स्थिति वेबसाइट पर उपलब्ध है।
सामान्य वर्ग के लिए दस हजार होगी टोकन फीस
एमबीबीएस, बीडीएस कोर्स की दूसरे दौर की काउंसलिंग के लिए सामान्य वर्ग के लिए दस हजार टोकन फीस रहेगी। आरक्षित वर्ग के लिए 5000 टोकन फीस चुकानी होगी। सरकारी डेंटल कॉलेज के लिए 20,000, निजी के लिए 50,000 टोकन फीस देनी होगी। निजी मेडिकल कॉलेज को एक लाख टोकन फीस देनी होगी। जिन्हें सीट आवंटित की जा चुकी है, उन्होंने एडमिशन कहीं ले ली है तो उन्हें दूसरे चरण की काउंसलिंग के लिए टोकन फीस नहीं देनी होगी। जिन्होंने ज्वाइन नहीं किया है या जिन्हें पहले चरण में सीट नहीं मिली है, उन्हें पूरी फीस देनी होगी।
दिव्यांग, एनआरआई कोटे की सीटें सामान्य श्रेणी में बदलीं
प्रदेश के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में पहले चरण की काउंसलिंग के बाद दिव्यांग श्रेणी के 23 और एनआरआई श्रेणी की 15 सीटों को उम्मीदवार न मिलने पर प्रोस्पेक्टस की शर्त के मुताबिक सामान्य श्रेणी में बदला गया है। खाली रहीं 38 सीटों के साथ विभिन्न श्रेणी की सीटों के ब्योरे के मुताबिक आईजीएमसी में 15 सीट खाली हैं। टांडा मेडिकल कॉलेज में 7, नाहन में 7, मंडी में 5, चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएसकी नौ-नौ सीट खाली हैं। एकमात्र सरकारी डेंटल कॉलेज में 50 सीट खाली हैं। सोलन स्थित निजी मेडिकल कॉलेज में स्टेट कोटे की 30, मैनेजमेंट कोटे की 108 सीटें खाली हैं।