एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र में प्रदेश के 500 स्कूलों में छात्रों को कौशल शिक्षा मिलेगी। नेशनल स्किल क्वालीफिकेशनल फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तहत स्कूली बच्चों को हुनरमंद बनाया जाएगा।
इसमें नौवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को स्किल इंडिया मिशन के लिए तैयार किया जाने को हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने मंजूरी दी है। बता दें कि एनएसक्यूएफ के तहत गुडग़ांव से इसकी शुरुआत करते हुए पिछले सत्र तक 490 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल और 16 निजी स्कूलों में चलाया जा रहा था।
इसकी सफलता को देखते हुए इस सत्र में शिक्षा विभाग ने 500 नए स्कूलों को जोड़ा है। कौशल विषयों के अध्यापन प्रक्रिया की मॉनिटरिंग हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो सर्विस सेक्टर की मैन-पावर के लिए बढ़ती हुई मांग तथा युवाओं के रोजगार की बढ़ती हुई समस्या के समाधान के लिए स्कूल स्तर पर कौशल शिक्षा कार्यक्रमों को चलाना एक बेहतर पहल होगी।
इन विद्यालयों में दस स्किल विषय आईटीईएस, रिटेल, सिक्योरिटी, ऑटोमोबाइल, ब्यूटी एंड वेलनेस, पेशेंट केयर असिस्टेंस, फिजीकल एजुकेशन एंड स्पोट्र्स, मीडिया एंड इंटरटेनमेंट, टूरिज्म हॉस्पीटेलिटी, एग्री पैडी-फार्मिंग को अभी तक शामिल किया गया है।
कोर्स का आवंटन जिले में किए गए स्किल गैप और मौजूदा उद्योगों में प्रशिक्षण की सहूलियत को देखकर किया गया है। इससे इंडस्ट्री और ट्रेनिंग में सुविधा हो।
छात्रों को होगा फायदा
प्रदेश के स्कूली बच्चों को वोकेशनल कोर्स की योजना की सफलता के बाद अब विभाग की ओर से इसमें अधिक स्कूलों को जोड़ा जा सकता है। छात्रों को रोजगार के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। वोकेशनल कोर्स करने के बाद स्कूलों में प्लेसमेंट के लिए विभाग की ओर से पहल की जा रही है। इससे स्कूली बच्चे वोकेशनल कोर्स में रुचि भी दिखा रहे हैं।