जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के तीन प्रोफेसरों पर नक्सलवादियों की मदद कर आदिवासियों ग्रामीणों को डराने-धमकाने के आरोप की अब विश्वविद्यालय प्रबंधन भी जांच करेगा। विवि के मुताबिक, मीडिया रिपोर्ट के आधार पर शिक्षकों से आरोपों से संबंधित जानकारी मांगी है।
विवि प्रबंधन के मुताबिक, जिन शिक्षकों का नाम आया है, फिलहाल वे ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के चलते कैंपस से बाहर हैं। हालांकि विवि उनसे फोन पर संपर्क कर जानकारी मांगने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उनसे फिलहाल संपर्क नहीं हो सका है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ स्थित बक्सर में तीन शिक्षक आदिवासियों की स्थिति का जायजा लेने गए थे। सोशल मीडिया समेत संबंधित प्रदेश की पुलिस ने आरोप लगाया है कि ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षकों ने उन्हें धमकाया और नक्सलियों की मदद करने और पुलिस को गांव में कैंप न लगाने का निर्देश दिया है। सोशल मीडिया पर आरोपों के वायरल होने के बाद विवि प्रबंधन पूरे मामले की जांच करने में जुट गया है। विवि का कहना है कि इस आरोप से जेएनयू की छवि धूमिल हो रही है।